US Venezuela Conflict: अमेरिका ने पिछले दिनों वेनेजुएला के राष्ट्रपति को बंधक बना लिया। उन्होंने फ्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि जब तक वेनेजुएला में शांति स्थापित नहीं हो जाती है, तब तक वहां अमेरिकी कंट्रोल रहेगा। इसी के साथ उन्होंने भारत को लेकर भी धमकी दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने एक बार फिर चौंकाते हुए कहा कि अगर भारत ने रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर अमेरिका की बात नहीं मानी, तो वे भारतीय सामानों पर और अधिक टैरिफ लगा सकते हैं। ट्रंप के इस बयान से भारत और अमेरिका के बीच व्यापारिक रिश्तों में तल्खी बढ़ गई है।
PM Modi की तारीफ की
हालांकि, ट्रंप इस बयान के बाद डैमेज कंट्रोल करते हुए भी नजर आए। एक तरफ उन्होंने नया टैरिफ लगाने की धमकी दी, जबकि दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ भी की। उन्होंने कहा कि PM मोदी एक अच्छे इंसान हैं और वे मुझे खुश करना चाहते थे। लेकिन कूटनीति की इस मिठास के पीछे सख्त व्यापारिक शर्तें साफ नजर आ रही हैं। ट्रंप ने मीडिया से बात करते हुए कहा, 'भारत हमारे साथ व्यापार करता है और हम उन पर बहुत तेजी से टैरिफ बढ़ा सकते हैं। पीएम मोदी बहुत अच्छे इंसान हैं। उन्हें पता था कि मैं (रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर) खुश नहीं हूं। उनके लिए मुझे खुश करना महत्वपूर्ण था।'
पहले भी लगा चुके हैं भारी टैरिफ
यह पहली बार नहीं है जब ट्रंप ने भारत के खिलाफ टैरिफ लगाने की बात कही है। ट्रंप प्रशासन पहले ही भारतीय सामानों पर कुल 50% तक टैरिफ लगा चुका है। ट्रंप के मुताबिक, इसमें से 25% टैरिफ तो केवल इसलिए लगाया गया है ताकि भारत को रूस से कच्चा तेल खरीदने की सजा दी जा सके। इस भारी-भरकम टैक्स का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के डेटा के मुताबिक, मई से सितंबर 2025 के बीच भारत का अमेरिका को होने वाला एक्सपोर्ट लगभग 37.5% तक गिर गया है। जो निर्यात पहले 8.8 अरब डॉलर का हुआ करता था, वह घटकर केवल 5.5 अरब डॉलर रह गया है।