लखनऊ: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व वाली उत्तर प्रदेश सरकार ने मकर संक्रांति के अवसर पर 15 जनवरी को सार्वजनिक अवकाश घोषित किया है। इस संबंध में एक आधिकारिक अधिसूचना जारी की गई है। यह अवकाश सभी सरकारी कार्यालयों, शैक्षणिक संस्थानों और राज्य द्वारा संचालित संस्थानों पर लागू होगा।
अधिसूचना के अनुसार, राज्य सरकार के सभी विभाग, स्कूल और सार्वजनिक क्षेत्र के संस्थान इस दिन बंद रहेंगे। गौरतलब है कि इस बार देशभर में मकर संक्रांति का पर्व 14 जनवरी की बजाय 15 जनवरी को मनाया जाएगा।
गंगा घाटों पर उमड़ सकती है भारी भीड़
मकर संक्रांति के अवसर पर उत्तर प्रदेश के प्रमुख गंगा घाटों प्रयागराज, कानपुर, वाराणसी, उन्नाव, मेरठ और बिजनौर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटने की संभावना है। श्रद्धालु गंगा और सरयू जैसी नदियों में स्नान करेंगे और दान-पुण्य करेंगे। इसी तरह ऋषिकेश और हरिद्वार में भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की उम्मीद है।
आखिर कब है मकर संक्रांति 2026?
मकर संक्रांति को खिचड़ी पर्व भी कहा जाता है। यह त्योहार तब मनाया जाता है जब सूर्य देव मकर राशि में प्रवेश करते हैं, जिसके स्वामी उनके पुत्र शनि देव हैं। वर्ष 2026 में सूर्य देव 14 जनवरी को दोपहर 3:13 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे।
हालांकि, लोगों में अक्सर यह भ्रम रहता है कि जब सूर्य का गोचर दोपहर में हो रहा है, तो मकर संक्रांति 14 जनवरी को मनाई जाए या 15 जनवरी को। ऐसा इसलिए भी है क्योंकि संक्रांति से जुड़े अधिकतर धार्मिक कार्य सुबह के समय किए जाते हैं।
इस भ्रम को दूर करने के लिए पुण्य काल का ध्यान रखा जाता है। इस साल मकर संक्रांति का पुण्य काल 15 जनवरी को सूर्योदय से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। इस समय को स्नान, दान और धार्मिक अनुष्ठानों के लिए सबसे शुभ माना जाता है। इसी कारण इस बार मकर संक्रांति 15 जनवरी 2026 को मनाई जाएगी।