
वेदांता समूह के चेयरमैन अनिल अग्रवाल को हाल ही में बहुत बड़ा सदमा लगा जब उनके बेटे का अचानक निधन हो गया। अब अनिल अग्रवाल ने बड़ा फैसला किया है। उन्होंने कहा कि वो अपनी 75% संपत्ति समाज सेवा में लगा देंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहा कि वह 10 से 15 हजार करोड़ रुपये शिक्षा-स्वास्थ्य जैसे क्षेत्र पर खर्च करना चाहते हैं। अनिल अग्रवाल के पास 350 अरब रुपये से ज्यादा की संपत्ति है।
वेदांता के चेयरमैन ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक पोस्ट में पूरी बात बताई है। उन्होंने कहा, 'पिछले हफ्ते, मुझे इंडिया एनर्जी वीक के दौरान 'पीएम की ग्लोबल एनर्जी लीडर्स के साथ राउंडटेबल' में शामिल होने और बोलने का निमंत्रण मिला था। यह हमारे परिवार में हुई दुखद घटना के बाद पहली ऑफिशियल मीटिंग थी जिसमें मैंने हिस्सा लिया।'
मैं प्रधानमंत्री जी का बहुत आभारी हूं जिन्होंने मेरी क्षति पर अपनी संवेदना और गहरी सहानुभूति व्यक्त की। उनकी यह सलाह कि मैं और मेरी पत्नी मजबूत रहें और देश के लिए जरूरी काम जारी रखें, इससे मुझे बहुत सुकून मिला। मैंने इस मौके का फायदा उठाकर उन्हें बताया कि मैंने पहले ही घोषणा कर दी है कि मेरी 75% संपत्ति समाज को वापस दे दी जाएगी। मैं प्रमोटर नहीं रहूंगा और एक ट्रस्टी के तौर पर काम करूंगा।'
मैंने अपने दिवंगत बेटे की इच्छाओं को ध्यान में रखते हुए बहुत ही विनम्रता से शिक्षा, स्वास्थ्य या किसी भी ऐसी चीज में कुछ बड़ा करने का अनुरोध किया जिससे समाज का हित हो सके। मैं इस तरह के प्रयास में 10 से 15 हजार करोड़ रुपये लगाना चाहता हूं। मैं प्रधानमंत्री का आभारी हूं, उन्होंने इस भावना की सराहना की। हम खुशकिस्मत हैं कि हमारे पास ऐसे पीएम हैं जिनकी न सिर्फ जमीनी हकीकत पर नजर है, बल्कि सभी भारतीयों के प्रति उनमें बहुत ज्यादा सहानुभूति भी है। उनके शब्द हमारे परिवार के लिए बहुत बड़ा सहारा हैं, क्योंकि हम दुख और त्रासदी के बाद अपनी जिंदगी को फिर से पटरी पर लाने की कोशिश कर रहे हैं।
एक एक्स यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया में इस घोषणा को बहुत प्रेरणादायी बताया है। उन्होंने लिखा, '15,000 करोड़ रुपये बड़ी रकम है। लेकिन एक दुखी पिता का यह कहना कि 'मैं अपने देश के लिए, अपने बेटे के लिए कुछ बड़ा करना चाहता हूं', यह अविस्मरणीय है। अनिल अग्रवाल ने सिर्फ पैसे का वादा नहीं किया। उन्होंने अपने बेटे की विरासत का वादा किया। आज भारत को इस प्रेरणा की जरूरत थी।'
ध्यान रहे कि वेदांता समूह के अध्यक्ष अनिल अग्रवाल ने पिछले महीने अपने बेटे को खो दिया। अग्निवेश अग्रवाल सिर्फ 49 वर्ष के थे। उन्हें स्कीइंग करते वक्त चोट लग गई थी। अग्निवेश का इलाज चल रहा था, लेकिन अचानक एक दिन कार्डियक अरेस्ट के कारण उनकी जान चली गई। अनिल अग्रवाल ने बेटे के निधन को अपने जीवन का सबसे काला अध्याय बताया था। बिजनेस मैगजीन फोर्ब्स की रीयल टाइम ट्रैकिंग के मुताबिक, अनिल अग्रवाल के पास करीब 351.88 अरब रुपये का नेटवर्थ है।
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