What is Vehicle-to-Vehicle Technology: क्या है V2V टेक्नोलॉजी? गाड़ियां आपस में करेंगी बात, सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक

Vehicle-to-Vehicle Technology: भारत सरकार सड़क हादसों को कम करने के लिए V2V तकनीक लागू करने जा रही है। यs तकनीक गाड़ियों को बिना नेटवर्क के आपस में बात करने की क्षमता देगी, जिससे दुर्घटनाओं की संभावना घटेगी।

Anuj Shrivastava
पब्लिश्ड10 Jan 2026, 07:30 PM IST
क्या है वाहन-टू-वाहन टेक्नोलॉजी?
क्या है वाहन-टू-वाहन टेक्नोलॉजी?

Vehicle-to-Vehicle Technology: सड़क हादसों को कम करने के लिए भारत सरकार एक बड़ा कदम उठाने जा रही है। केंद्र सरकार का ये कदम सड़क पर रोजाना हो रहा हादसों को काफी हद तक कम कर देगा। दरअसल साल 2026 के अंत तक सरकार देशभर में वाहन-टू-वाहन (V2V) संचार प्रणाली लागू करने वाली है।

इस तकनीक के आने के बाद से गाड़ियों को बिना किसी नेटवर्क या इंटरनेट के आपस में बात करेंगी। इस कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी से ड्राइवरों को दूसरी गाड़ियों की स्पीड, लोकेशन और अचानक सामने आने वाली गाड़ियों के बारे में तुरंत पता चल जाएगा और खासकर पार्क रहने वाली गाड़ियों से टक्कर और कोहरे में चेन एक्सीडेंट्स को रोकने में मदद मिलेगी।

​क्या है ये V टू V तकनीक?

देश में हर साल लाखों सड़क हादसे होते हैं। उनमें से ज्यादातर तेज रफ्तार, खराब विजिबिलिटी की वजह से हैं। ऐसे में इस V2V तकनीक के आने से ये समस्या खत्म हो जाएगी। मान लीजिए आप कोहरे में हाईवे पर तेज गति से गाड़ी चला रहे हैं और आगे सड़क किनारे एक ट्रक खड़ा है। धुंध की वजह से आप ट्रक को नहीं देख पा रहे हैं। ऐसे में ये तकनीक आपको अलर्ट भेजेगी कि आगे खतरा है और आप हादसे का शिकार होने से बच जाएंगे।

​कैसे काम करेगा ये सिस्टम?

इस तकनीक के आने के बाद से हर गाड़ियों में एक छोटी SIM कार्ड जैसी डिवाइस लगाई जाएगी, जो रेडियो सिग्नल के जरिए आसपास की गाड़ियों से बात करेगी। ये 360 डिग्री कवरेज देगी, यानी गाड़ी के चारों तरफ से सिग्नल आएंगे। अगर कोई वाहन खतरनाक नजदीक आ जाए। चाहे पीछे से, सामने से या साइड से तो तुरंत अलर्ट मिलेगा।

इस सिस्टम की सबसे खास बात ये होगी कि इसमें किसी नेटवर्क की जरूरत नहीं पड़ेगी। कोहरे जैसी स्थिति में विजिबिलिटी जीरो हो जाती है, वहां ये लाइफ सेवर बनकर निकलेगी। इसके अलावा ये तकनीक सड़क किनारे खड़ी या स्थिर गाड़ियों का भी अलर्ट देगी और सुरक्षित दूरी बनाए रखने की जानकारी देगी।

यह भी पढ़ें | कार्बन टैक्स बना स्पीड ब्रेकर, जानिए कहां तक पहुंची भारत-ईयू एफटीए वार्ता

कितनी है इस प्रोजेक्ट की लागत?

दुनिया में अभी कुछ ही देशों में ये तकनीक इस्तेमाल हो रही है और वहां पर इसके रिजल्ट भी देखने को मिल रहे हैं। ऐसे में इसे अब भारत में भी लाने का प्लान चल रहा है। इस तकनीक के लागू होने से देश में लागू होने से ट्रैफिक मैनेजमेंट और एक्सीडेंट रेट में भारी गिरावट आएगी। इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5,000 करोड़ रुपये है।

​कब और कैसे लागू होगा?

इस तकनीक के लिए मंत्रालय 2026 के अंत तक नोटिफिकेशन जारी कर देगा। पहले चरण में नई गाड़ियों में ये डिवाइस लग कर आएगी। उसके बाद धीरे-धीरे पुरानी गाड़ियों पर भी फिटिंग शुरू की जाएगी। प्रीमियम एसयूवी में पहले से एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) मौजूद हैं, जो सेंसर पर काम करते हैं। V2V इन्हें सप्लीमेंट करेगा।

यह भी पढ़ें | Q3 रिजल्ट बदलेंगे FII का मूड? जुलाई से जनवरी तक बिकवाली, जानिए एक्सपर्ट की राय

​V2V बनेगा गेंमचेंजर

भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा कार बाजार है, लेकिन सड़क सुरक्षा के मामले में काफी पीछे हैं। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो के आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में ही 1.5 लाख से ज्यादा सड़क हादसे हुए, जिनमें 1.6 लाख मौतें दर्ज की गईं। उत्तर भारत में सर्दियों का कोहरा तो हर साल हजारों जिंदगियां छीन लेता है। V2V जैसी तकनीक गेम-चेंजर बनकर उभरेगी। अभी अमेरिका, यूरोप और जापान जैसे देश V2V पर काम कर रहे हैं। वहां ये तकनीक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) से जुड़ी है, लेकिन भारत का मॉडल नेटवर्क-फ्री है, जो ग्रामीण इलाकों और खराब कनेक्टिविटी वाले क्षेत्रों के लिए परफेक्ट है।

कुछ चुनौतियां भी हैं खड़ी

इस तकनीक को भारत में लाना बड़ी बात नहीं है, इसे हर गाड़ी में फिट करवाना सबसे बड़ी चुनौती है। देश में 30 करोड़ से ज्यादा रजिस्टर्ड वाहनों में ये डिवाइस फिट करना आसान काम नहीं होगा। इसके अलावा ग्रामीण ड्राइवरों को अलर्ट समझाने के लिए जागरूकता कैंपेन जरूरी करने होंगे। इसके अलावा इसकी कॉस्ट भी मिडिल क्लास पर असर डाल सकती है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सWhat is Vehicle-to-Vehicle Technology: क्या है V2V टेक्नोलॉजी? गाड़ियां आपस में करेंगी बात, सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सWhat is Vehicle-to-Vehicle Technology: क्या है V2V टेक्नोलॉजी? गाड़ियां आपस में करेंगी बात, सड़क हादसों पर लगेगा ब्रेक