Aaj ka mausam: साल की शुरुआत ठंड के कड़े तेवरों के साथ हो रही है। जनवरी के पहले हफ्ते में मौसम का मिजाज ऐसा है कि सुबह घर से निकलते ही ठिठुरन महसूस हो रही है और सड़कों पर कोहरे की चादर बिछी नजर आ रही है। कई राज्यों में रात और सुबह के समय घना से बेहद घना कोहरा छाने की चेतावनी है, वहीं कुछ इलाकों में कोल्ड डे और शीतलहर हालात को और मुश्किल बना सकती है।
मौसम विभाग के ताजा पूर्वानुमान के मुताबिक, आने वाले कुछ दिन उत्तर भारत से लेकर पूर्व और पूर्वोत्तर भारत तक ठंड और कोहरे से राहत देने वाले नहीं हैं।
दिल्ली में आज का मौसम
दिल्ली में 3 जनवरी को मौसम साफ रहेगा, लेकिन सुबह मध्यम से घना कोहरा छाया रह सकता है। न्यूनतम तापमान में 2–3°C की गिरावट होगी, जिससे सुबह और देर रात ठंड का असर और बढ़ेगा। कुछ इलाकों में दृश्यता बेहद कम हो सकती है, जिससे यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
इन राज्यों में अगले 5 से 7 दिन तक कोहरे की पकड़
पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश, बिहार और ओडिशा में अगले 5 से 7 दिनों तक रात और सुबह घना से बहुत घना कोहरा बने रहने की संभावना है। वहीं जम्मू, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, राजस्थान, उत्तर मध्य प्रदेश और पूर्वोत्तर भारत में भी अगले 4 से 5 दिनों तक कोहरे का असर दिख सकता है। ऐसे हालात में खासतौर पर सुबह के वक्त दृश्यता काफी कम हो सकती है, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित होने की आशंका है।
कोल्ड डे और शीतलहर का खतरा
बिहार में 4 और 5 जनवरी को कुछ इलाकों में कोल्ड डे की स्थिति बन सकती है। हिमाचल प्रदेश में 3 और 4 जनवरी को शीतलहर की चेतावनी है, जबकि हरियाणा और चंडीगढ़ में 3 से 6 जनवरी तक, पंजाब में 4 से 6 जनवरी तक ठंड और बढ़ सकती है। राजस्थान में 8 और 9 जनवरी को शीतलहर के हालात बनने की संभावना जताई गई है। इन इलाकों में ठंड का असर सुबह और रात के साथ-साथ दिन में भी महसूस हो सकता है।
कहीं पारा गिरेगा, कहीं थोड़ी राहत
उत्तर-पश्चिम भारत में अगले 3 दिनों के दौरान न्यूनतम तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट हो सकती है, इसके बाद ज्यादा बदलाव की उम्मीद नहीं है। मध्य भारत में पहले 24 घंटे तापमान स्थिर रह सकता है, लेकिन उसके बाद 2 से 4 डिग्री की गिरावट संभव है। पूर्वी भारत में अगले 2 दिनों तक तापमान थोड़ा बढ़ सकता है, लेकिन उसके बाद फिर गिरावट का दौर आएगा। महाराष्ट्र में 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी के संकेत हैं, जबकि गुजरात में पहले तापमान स्थिर रहकर बाद में हल्की बढ़ोतरी दिखा सकता है।