देश के कई हिस्सों में इन दिनों मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। घने कोहरे की वजह से सड़क, रेल और हवाई यातायात पर बुरा असर पड़ रहा है। कम दृश्यता के कारण यमुना एक्सप्रेसवे पर कई गाड़ियां आपस में टकरा गईं और बड़ा हादसा हुआ।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, आने वाले दिनों में मौसम दो तरह का असर दिखाएगा। एक ओर उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, राजस्थान, ओडिशा और पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में घना से बहुत घना कोहरा छाने की संभावना है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो सकता है।
दूसरी ओर, पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से हवाओं की रफ्तार बढ़ेगी। इससे दिल्ली-एनसीआर में ठंड बढ़ेगी और हवा साफ होने से प्रदूषण में कुछ कमी आने की उम्मीद है। हालांकि 17 दिसंबर की सुबह दिल्ली के बवाना इलाके में AQI 378 दर्ज किया गया, जो खराब श्रेणी में रहा।
मौसम विभाग ने बताया है कि 17 से 21 दिसंबर के बीच उत्तर भारत, मध्य भारत और पूर्वोत्तर भारत के कई इलाकों में सुबह के समय घना कोहरा छा सकता है। कुछ जगहों पर शीतलहर भी चलने की आशंका है, जिससे ठंड और बढ़ेगी और यातायात प्रभावित हो सकता है।
उत्तर प्रदेश और पूर्वी मध्य प्रदेश में 17 से 20 दिसंबर के बीच सुबह के समय घना या बहुत घना कोहरा रह सकता है। खासकर 17 दिसंबर को उत्तर प्रदेश में कई जगहों पर कोहरा बहुत ज्यादा रहने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम और उत्तर-पूर्व भारत के अलग-अलग इलाकों में भी 17 से 21 दिसंबर तक कोहरे का असर देखा जा सकता है।
मौसम विभाग ने 14 राज्यों में घने कोहरे का अलर्ट जारी किया है। इनमें उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम, त्रिपुरा, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, राजस्थान और ओडिशा शामिल हैं।
राज्यों के हिसाब से देखें तो पंजाब में 17 से 20 दिसंबर, हिमाचल प्रदेश में 17 से 19 दिसंबर और हरियाणा व चंडीगढ़ में 18 से 20 दिसंबर के बीच घने कोहरे की संभावना है। उत्तराखंड, पश्चिमी मध्य प्रदेश और ओडिशा में 17 और 18 दिसंबर को सुबह के समय कोहरा रह सकता है।
पूर्वोत्तर भारत के राज्यों में भी 17 से 21 दिसंबर तक कोहरे का असर बना रह सकता है। कुछ इलाकों में शीतलहर की स्थिति भी बन रही है। पश्चिमी मध्य प्रदेश, तेलंगाना और उत्तरी आंतरिक कर्नाटक में 17 और 18 दिसंबर को ठंडी हवाएं चलने की संभावना है, जिससे न्यूनतम तापमान सामान्य से नीचे जा सकता है।
तापमान की बात करें तो उत्तर-पश्चिम भारत में अगले तीन दिनों तक तापमान में ज्यादा बदलाव नहीं होगा। इसके बाद अगले चार दिनों में न्यूनतम तापमान 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है। गुजरात में भी पहले 24 घंटे तापमान स्थिर रहेगा, फिर अगले तीन दिनों में इसमें 2 से 3 डिग्री की बढ़ोतरी हो सकती है। देश के बाकी हिस्सों में अगले सात दिनों तक तापमान में किसी बड़े बदलाव की संभावना नहीं है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। घने कोहरे के कारण दृश्यता कम हो सकती है, जिससे हादसों का खतरा बढ़ जाता है। वाहन चालकों से कहा गया है कि वे सुबह के समय धीमी गति से गाड़ी चलाएं और फॉग लाइट का इस्तेमाल करें। शीतलहर से प्रभावित इलाकों में लोगों को गर्म कपड़े पहनने और बच्चों व बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की अपील की गई है।