सिर्फ वजन घटाना काफी नहीं, चर्बी कम करना है असली चुनौती; जानें मांसपेशियों को बचाना क्यों है जरूरी

वजन कम करते समय मांसपेशियों को बचाना और सिर्फ फैट घटाना ही असली कामयाबी है। नई GLP-1 आरए थेरेपी इसमें मददगार साबित हो रही है, जो शरीर की चर्बी को टारगेट करती है।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड29 Dec 2025, 04:24 PM IST
सिर्फ वजन घटाना काफी नहीं, चर्बी कम करना है जरूरी (सांकेतिक तस्वीर)
सिर्फ वजन घटाना काफी नहीं, चर्बी कम करना है जरूरी (सांकेतिक तस्वीर)(pexels)

आजकल वजन घटाने की होड़ मची है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि तेजी से वजन कम करना आपकी सेहत बिगाड़ सकता है? असली वजन घटाने का मतलब सिर्फ मशीन पर कम नंबर देखना नहीं, बल्कि शरीर से खतरनाक चर्बी को हटाना है। अगर वजन के साथ आपकी मांसपेशियां भी कम हो रही हैं, तो यह भविष्य में बड़ी बीमारियों को न्योता दे सकता है। आइए समझते हैं कि सेहतमंद तरीके से वजन कैसे घटाया जाए और इसमें नई दवाएं कैसे काम करती हैं।

वजन घटाने में क्वालिटी का महत्व

वजन कम करना सिर्फ रफ्तार का खेल नहीं है, बल्कि यह उसकी क्वालिटी पर निर्भर करता है। वजन कम होने का मतलब है कि आपके शरीर से फैट कम होना चाहिए, न कि मांसपेशियां। विशेषज्ञों का मानना है कि 'लीन मास' यानी मांसपेशियों, हड्डियों और अंगों का वजन बचाए रखना बहुत जरूरी है। मांसपेशियां हमें ताकत देती हैं और मेटाबॉलिज्म को दुरुस्त रखती हैं। अगर वजन घटाते समय कुल वेट लॉस का एक-चौथाई से ज्यादा हिस्सा मांसपेशियों का है, तो यह आपकी लंबी उम्र और सेहत के लिए ठीक नहीं है।

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अंदरूनी चर्बी का खतरा

हमारे शरीर में अंगों जैसे लिवर और पैनक्रियाज के आसपास जमा होने वाली चर्बी को विसरल फैट कहते हैं। यह चर्बी बहुत खतरनाक होती है क्योंकि यह शरीर में हार्मोनल गड़बड़ी और सूजन पैदा करती है। अगर आपके शरीर में यह फैट ज्यादा है, तो आपको टाइप 2 डायबिटीज, दिल की बीमारियां और कैंसर जैसी गंभीर समस्याओं का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए, सिर्फ वजन कम करने के बजाय इस अंदरूनी चर्बी को घटाना ज्यादा जरूरी है।

जीएलपी-1 आरए की नई भूमिका

वजन घटाने की दुनिया में जीएलपी-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट (GLP-1 RAs) जैसी नई थेरेपी ने बड़े बदलाव किए हैं। रिसर्च से पता चला है कि इन दवाओं की मदद से वजन में करीब 20% तक की कमी आ सकती है। सबसे अच्छी बात यह है कि इस कमी का लगभग 85% हिस्सा सिर्फ शरीर की फालतू चर्बी होता है। इससे शरीर की मांसपेशियां सुरक्षित रहती हैं, जिससे व्यक्ति की ताकत और मेटाबॉलिज्म बना रहता है। जब मांसपेशियां सही रहती हैं, तो वजन दोबारा बढ़ने का खतरा भी कम हो जाता है।

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डॉक्टर की सलाह है जरूरी

एक अच्छी और स्थायी वेट लॉस जर्नी वही है जिसमें आप खुद को कमजोर नहीं बल्कि मजबूत महसूस करें। अगर आप भी वैज्ञानिक तरीके से अपना वजन कम करना चाहते हैं, तो जीएलपी-1 आरए जैसी आधुनिक दवाओं और सही डाइट प्लान के बारे में अपने डॉक्टर से बात करें। सही डॉक्टरी सलाह से आप अपनी सेहत को बिना नुकसान पहुंचाए फिट रह सकते हैं।

Disclaimer: यह लेख सिर्फ जानकारी के लिए है। स्वास्थ्य संबंधी कोई भी निर्णय प्रमाणित चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझाव के आधार पर ही लें। आपके किसी भी कार्य या निर्णय के लिए मिंट हिंदी तनिक भी उत्तरदायी नहीं है।

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