कई लोग लंबे सफर, क्लासरूम या परीक्षा के दौरान पेशाब रोकने की आदत डाल लेते हैं। उन्हें लगता है कि बस थोड़ी असहजता ही होती है, लेकिन इसके नुकसान इससे कहीं ज्यादा हैं।
समय पर वॉशरूम जाना मूत्राशय (ब्लैडर) और किडनी की सेहत के लिए बहुत जरूरी है। एचटी लाइफस्टाइल से बातचीत में डॉ. पी. वामसी कृष्णा, CARE हॉस्पिटल्स, हैदराबाद के वरिष्ठ यूरोलॉजिस्ट ने पेशाब रोकने के दुष्परिणाम बताए।
1. इंफेक्शन का खतरा बढ़ता है
डॉ. कृष्णा के अनुसार, बार-बार पेशाब रोकने से यूरिन इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है। यह समस्या महिलाओं में ज्यादा देखी जाती है, लेकिन पुरुष भी इससे सुरक्षित नहीं हैं। जब पेशाब लंबे समय तक ब्लैडर में रहती है, तो बैक्टीरिया को बढ़ने का मौका मिल जाता है। UTI के लक्षणों में पेशाब करते समय जलन, बुखार और पेट के निचले हिस्से में दर्द शामिल हैं।
2. किडनी पर दबाव पड़ता है
लगातार पेशाब रोकने से एक समस्या हो सकती है, जिसमें पेशाब वापस किडनी की ओर जाने लगती है। इससे किडनी पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है और लंबे समय में नुकसान हो सकता है।
3. कम पानी पीना समस्या बढ़ाता है
परीक्षाओं के दौरान छात्र अक्सर कम पानी पीते हैं। इससे पेशाब ज्यादा गाढ़ी हो जाती है, जो ब्लैडर को नुकसान पहुंचा सकती है और किडनी स्टोन का खतरा बढ़ा देती है।
4. मानसिक तनाव बढ़ता है
पेशाब रोकने से दिमाग पर भी असर पड़ता है। भरा हुआ ब्लैडर दिमाग को बार-बार संकेत भेजता है, जिससे ध्यान भटकता है और तनाव बढ़ता है। समय पर वॉशरूम जाने से एकाग्रता और काम करने की क्षमता बेहतर होती है, जो खासकर छात्रों के लिए जरूरी है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)