
What is B1/B2 Visa: अमेरिका जाना कई लोगों के लिए एक प्रोफेशनल सपना होता है, खासकर तब जब बात किसी इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस या बिजनेस ट्रिप की हो। लेकिन इसके लिए जरूरी होता है वीजा, और उसमें भी सबसे आम होता है B1/B2 वीजा। हाल ही में एक भारतीय टेक वर्कर का अनुभव इस वीजा की प्रक्रिया और चुनौतियों को लेकर चर्चा में रहा।
B1 वीजा उन लोगों के लिए होता है जो बिजनेस मीटिंग, कॉन्फ्रेंस या कॉन्ट्रैक्ट डिस्कशन के लिए अमेरिका जाना चाहते हैं। B2 वीजा टूरिज्म, छुट्टियां, रिश्तेदारों से मिलने या मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए दिया जाता है। अक्सर ये दोनों वीजा एक साथ दिए जाते हैं ताकि व्यक्ति बिजनेस और टूरिज्म दोनों के लिए यात्रा कर सके।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय का कहना है कि वीजा कोई अधिकार नहीं, बल्कि एक विशेषाधिकार है। अगर अधिकारी को लगता है कि आवेदक भरोसेमंद नहीं है या उसके देश लौटने की गारंटी नहीं है, तो वीजा रिजेक्ट किया जा सकता है, चाहे वजह छोटी ही क्यों न हो।
एक सीनियर टेक लीड, जो अमेरिका के अटलांटा में होने वाले Kubecon + CloudNative Con 2025 में हिस्सा लेने वाला था, दिल्ली स्थित अमेरिकी दूतावास में वीजा इंटरव्यू के लिए पहुंचा। लेकिन सिर्फ तीन सवालों के बाद उसे 214(b) रिजेक्शन स्लिप थमा दी गई।
सवाल थे- अमेरिका जाने का मकसद, पहले कहां-कहां विदेश यात्रा की है और क्या अमेरिका में कोई रिश्तेदार या जान-पहचान वाला है।
उसने बताया कि वह पिछले 11 साल से भारत में काम कर रहा है, एक करोड़ रुपये सालाना कमाता है और उसकी आठ महीने की बेटी भी है। यानी उसके पास भारत लौटने के लिए मजबूत वजहें थीं। फिर भी वीजा रिजेक्ट हो गया।
इस घटना ने एक बार फिर वीजा प्रक्रिया की पारदर्शिता और मानकों पर सवाल खड़े किए हैं। रेडिट पर उस टेक वर्कर ने बाकी यूजर्स से सलाह मांगी कि अगली बार वीजा अप्लाई करने से पहले उसे क्या ध्यान रखना चाहिए।
B1/B2 वीजा के लिए सिर्फ प्रोफेशनल बैकग्राउंड या डॉक्युमेंट्स काफी नहीं होते। इंटरव्यू में अधिकारी को यह भरोसा दिलाना जरूरी होता है कि आप अमेरिका जाकर वापस लौटेंगे और वीजा का गलत इस्तेमाल नहीं करेंगे। यही वजह है कि कई बार मजबूत प्रोफाइल होने के बावजूद वीजा रिजेक्ट हो जाता है।
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.