फिटनेस की दुनिया में इन दिनों एक नया ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है, जिसे जापानी वॉकिंग मेथड कहा जाता है। कुछ अध्ययनों के अनुसार, यह तरीका सामान्य गति से लगातार चलने की तुलना में ज्यादा स्वास्थ्य लाभ दे सकता है।
जापान के शोधकर्ताओं ने इस तकनीक पर कई साल पहले अध्ययन किया था। रिपोर्ट्स के अनुसार, अगर इस विधि को हफ्ते में कम से कम चार दिन किया जाए तो इससे एरोबिक फिटनेस बढ़ती है, ब्लड प्रेशर कम होता है और मांसपेशियां मजबूत होती हैं।
जापानी वॉकिंग मेथड क्या है?
जापानी वॉकिंग मेथड को अपनाना बहुत आसान है। इसमें तेज और धीमी चाल के बीच बदलाव किया जाता है, जिसे इंटरवल वॉकिंग भी कहा जाता है। इसका नाम इसलिए पड़ा क्योंकि इसके स्वास्थ्य लाभों पर शुरुआती अध्ययन जापान में किए गए थे, हालांकि इंटरवल वॉकिंग का अभ्यास दुनिया भर में लंबे समय से किया जा रहा है।
जापानी वॉकिंग मेथड को जापानी इंटरवल वॉकिंग ट्रेनिंग भी कहा जाता है। इसमें तीन मिनट तक धीमी चाल से चलना होता है, फिर तीन मिनट तक तेज चलना होता है। इस क्रम को पांच बार दोहराया जाता है, जिससे कुल 30 मिनट का सत्र पूरा होता है। आप इसी तरीके से तीन मिनट तेज और तीन मिनट धीमी चाल से आधे घंटे तक चल सकते हैं।
जानिए इसके फायदे
ब्राउनहेल्थ के अनुसार, इंटरवल ट्रेनिंग दिल के लिए खास तौर पर फायदेमंद होती है। जब आप तेज चाल से चलते हैं तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है और मांसपेशियों तक खून का प्रवाह ज्यादा मजबूत होता है। जब आप धीमी चाल से चलते हैं तो सांस सामान्य होती है और दिल की धड़कन थोड़ी कम हो जाती है।
यह तेज और धीमी चाल का बदलाव हृदय स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है और शरीर को ऑक्सीजन का सही उपयोग करने में मदद करता है। अगर आप 30 मिनट तक इस तरह चलते हैं तो लगभग पांच इंटरवल पूरे हो जाते हैं, जिससे कम समय में अच्छा स्वास्थ्य लाभ मिलता है।
शोध यह भी बताते हैं कि इंटरवल वॉकिंग से जोड़ों की मजबूती बढ़ती है। जापान में किए गए एक अध्ययन में उन लोगों की तुलना की गई जो बिल्कुल नहीं चलते थे, जो सामान्य गति से चलते थे और जो हाई इंटेंसिटी इंटरवल वॉकिंग करते थे।
परिणामों में पाया गया कि इंटरवल वॉकिंग करने वालों के घुटनों की गति में सुधार हुआ। उनके घुटनों की सीधी और मोड़ने की क्षमता बेहतर हुई। साथ ही उनकी एरोबिक क्षमता भी ज्यादा पाई गई। अध्ययन में यह भी सामने आया कि उनके सिस्टोलिक ब्लड प्रेशर में सुधार हुआ।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)