
प्रोटीन को लेकर अक्सर यह चर्चा होती है कि रोज़ कितना प्रोटीन लेना चाहिए और कौन-सा प्रोटीन बेहतर होता है। लेकिन एक और अहम सवाल है—प्रोटीन कब खाना चाहिए? सही समय पर प्रोटीन लेने से शरीर को इसका ज्यादा फायदा मिलता है। इसलिए सिर्फ रोज़ का टारगेट पूरा करना ही नहीं, बल्कि दिन भर में प्रोटीन को सही तरीके से बांटना भी जरूरी है।
हिंदुस्तान टाइम्स को दिए इंटरव्यू में चेन्नई के अपोलो स्पेक्ट्रा हॉस्पिटल की न्यूट्रिशनिस्ट, सर्टिफाइड डायबिटीज एजुकेटर और रीनल न्यूट्रिशनिस्ट मंजुला श्रीधर मने बताया कि ज्यादातर लोग अपनी सारी प्रोटीन की मात्रा एक ही समय में खा लेते हैं। लेकिन ऐसा करने के बजाय दिनभर में अलग-अलग समय पर थोड़ा-थोड़ा प्रोटीन लेना ज्यादा फायदेमंद होता है, क्योंकि इससे मांसपेशियां बेहतर तरीके से बनती और ठीक होती हैं।
कई लोग सिर्फ यह देखते हैं कि दिनभर में उनका प्रोटीन टारगेट पूरा हो जाए। इसलिए वे नाश्ते में बहुत कम प्रोटीन लेते हैं और रात के खाने में ज्यादा। लेकिन यह तरीका सही नहीं है। मंजुला श्रीधर के अनुसार, शरीर में प्रोटीन को स्टोर करने के लिए कोई टैंक नहीं होता, जैसा कि फैट के लिए होता है। शरीर एक बार में सीमित मात्रा में ही प्रोटीन का इस्तेमाल कर सकता है, जो आमतौर पर 20 से 40 ग्राम के बीच होती है।
इसका मतलब यह है कि अगर कोई व्यक्ति एक ही भोजन में 70 ग्राम प्रोटीन खा लेता है, तो शरीर जरूरत के मुताबिक थोड़ा हिस्सा मांसपेशियों के लिए इस्तेमाल करता है और बाकी को ऊर्जा के रूप में जला देता है। अगर लंबे समय तक शरीर को प्रोटीन नहीं मिलता, तो मांसपेशियां टूटने की स्थिति (breakdown state) में चली जाती हैं, जिससे रिकवरी का महत्वपूर्ण समय खो जाता है।
अक्सर लोग नाश्ते में सीरियल, टोस्ट या कार्बोहाइड्रेट से भरपूर चीजें खाते हैं और प्रोटीन नहीं लेते। उन्हें लगता है कि बाद में प्रोटीन खा लेंगे। लेकिन यह सोच गलत है। मंजुला के मुताबिक, अगर प्रोटीन सिर्फ एक ही भोजन में लिया जाए तो मांसपेशियों की सही मरम्मत और विकास में बाधा आ सकती है।
मंजुला श्रीधर बताती हैं कि प्रोटीन की मात्रा शरीर के वजन के हिसाब से तय की जा सकती है। आमतौर पर हर भोजन में शरीर के वजन के प्रति किलोग्राम लगभग 0.4 ग्राम प्रोटीन लेना अच्छा माना जाता है। उदाहरण के लिए, अगर किसी व्यक्ति का वजन 80 किलोग्राम है, तो उसे एक भोजन में लगभग 32 ग्राम प्रोटीन लेना चाहिए।
मांसपेशियां बनाने के लिए शरीर में एक प्रक्रिया होती है जिसे Muscle Protein Synthesis (MPS) कहा जाता है। इसी प्रक्रिया के जरिए शरीर मांसपेशियों की मरम्मत करता है और नई मांसपेशियां बनाता है। इस प्रक्रिया को बेहतर बनाए रखने के लिए दिनभर सही मात्रा में और सही समय पर प्रोटीन लेना जरूरी है।
सोते समय शरीर ऊर्जा के लिए मांसपेशियों को तोड़ना शुरू कर देता है।
सुबह लगभग 30 ग्राम प्रोटीन लेने से यह प्रक्रिया रुकती है और मांसपेशियों की मरम्मत शुरू होती है।
वर्कआउट खत्म होते ही तुरंत प्रोटीन शेक पीना जरूरी नहीं है, लेकिन दो घंटे के अंदर प्रोटीन जरूर लेना चाहिए।
इस समय मांसपेशियां पोषक तत्वों को सबसे बेहतर तरीके से इस्तेमाल करती हैं।
रात में सोते समय शरीर मांसपेशियों की सबसे ज्यादा मरम्मत करता है।
इसलिए सोने से पहले धीरे-धीरे पचने वाला प्रोटीन जैसे ग्रीक योगर्ट या पनीर लेना फायदेमंद होता है।
अगर कोई व्यक्ति 120 ग्राम प्रोटीन को दिनभर में चार बराबर हिस्सों में खाता है, तो उसे मांसपेशियों के विकास में ज्यादा फायदा मिल सकता है। जबकि कोई दूसरा व्यक्ति अगर 160 ग्राम प्रोटीन एक ही बार में खा ले, तो उसका फायदा उतना नहीं होगा। इसलिए बेहतर परिणाम के लिए प्रोटीन को दिनभर में बराबर मात्रा में लेना सबसे अच्छा तरीका है।
(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)
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