इस साल चैत्र पूर्णिमा 1 अप्रैल को पड़ रही है। यह हिंदू नववर्ष की पहली पूर्णिमा मानी जाती है। इस दिन व्रत, पूजा और धार्मिक अनुष्ठानों का खास महत्व होता है। बहुत से लोग इस दिन उपवास रखते हैं और चंद्रमा की पूजा करते हैं। हालांकि पूर्णिमा तिथि अगले दिन तक रहती है, जिससे समय को लेकर भ्रम हो सकता है। ऐसे में पंचांग की मदद से सही समय जानकर पूजा और व्रत किया जा सकता है।
चैत्र पूर्णिमा 2026 तिथि और समय
- पूर्णिमा तिथि 1 अप्रैल पूरे दिन और रात तक रहेगी और 2 अप्रैल सुबह 07:42 बजे समाप्त होगी।
- वृद्धि योग 1 अप्रैल दोपहर 02:51 बजे तक रहेगा।
- उत्तर फाल्गुनी नक्षत्र 1 अप्रैल शाम 04:18 बजे तक रहेगा।
- 1 अप्रैल (बुधवार) को पूर्णिमा व्रत रखा जाएगा।
1 अप्रैल 2026 के शुभ मुहूर्त
- ब्रह्म मुहूर्त: सुबह 04:39 से 05:25 तक
- प्रातः संध्या: सुबह 05:02 से 06:11 तक
- विजय मुहूर्त: दोपहर 02:30 से 03:20 तक
- गोधूलि मुहूर्त: शाम 06:38 से 07:01 तक
- सायाह्न संध्या: शाम 06:39 से 07:48 तक
राहुकाल (शहरों के अनुसार)
- दिल्ली: 12:25 PM से 01:59 PM
- मुंबई: 12:43 PM से 02:15 PM
- चंडीगढ़: 12:27 PM से 02:01 PM
- लखनऊ: 12:11 PM से 01:44 PM
- भोपाल: 12:24 PM से 01:57 PM
- कोलकाता: 11:41 AM से 01:13 PM
- अहमदाबाद: 12:43 PM से 02:16 PM
- चेन्नई: 12:13 PM से 01:45 PM
सूर्योदय और सूर्यास्त
- सूर्योदय: सुबह 06:11 बजे
- सूर्यास्त: शाम 06:39 बजे
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)