
दीपावली या दिवाली भारत का एक प्रमुख हिंदू त्योहार है, जिसे पूरे देश में बड़े उत्साह और धूमधाम से मनाया जाता है। हिंदू पंचांग के अनुसार, यह त्योहार कार्तिक महीने की 15वीं तिथि को आता है, जो साल की सबसे अंधेरी रात होती है।
लोग अपने घरों को दीयों, रंगोली और रंग-बिरंगी लाइटों से सजाते हैं। परिवार वाले मिलकर पूजा करते हैं, मिठाईयां बांटते हैं और अंधकार पर उजाले की जीत का जश्न मनाते हैं। यह त्योहार पांच दिनों तक चलता है, और हर दिन की अपनी खास परंपरा और पूजा होती है।
धनतेरस पर लोग देवी लक्ष्मी और भगवान कुबेर की पूजा करते हैं ताकि घर में धन और समृद्धि आए। इस दिन सोना, चांदी या नए घर के सामान खरीदना शुभ माना जाता है।
इसे छोटी दिवाली कहा जाता है। इस दिन भगवान कृष्ण ने राक्षस नरकासुर पर जीत हासिल की थी। यह दिन बुराई और अंधकार से मुक्ति का प्रतीक है।
तीसरा दिन त्योहार का सबसे महत्वपूर्ण दिन होता है। यह उस समय को याद करता है जब भगवान राम, माता सीता और लक्ष्मण 14 साल के वनवास के बाद अयोध्या लौटे थे। लोग घरों में दीए जलाते हैं, सजावट करते हैं और शाम को लक्ष्मी-गणेश पूजा करते हैं।
दिवाली के अगले दिन गोवर्धन पूजा होती है। यह उस समय को याद करती है जब भगवान कृष्ण ने गोवर्धन पर्वत उठाकर मथुरा के लोगों की रक्षा की थी।
अंतिम दिन भाई दूज होता है। इस दिन बहनें अपने भाई की लंबी उम्र और खुशहाली की कामना करती हैं, और भाई अपनी ओर से उपहार देते हैं। यह प्यार और भाई-बहन के संबंध का प्रतीक है।
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