Pradosh Vrat 2026: 16 या 17 जनवरी, क्या है प्रदोष व्रत की सही तारीख, जानिए पूजा का समय और महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित है। जनवरी 2026 में शुक्र प्रदोष व्रत 16 जनवरी को रखा जाएगा। पूजा का शुभ समय शाम 6:22 से 8:56 बजे तक है। यह व्रत सुख, समृद्धि, वैवाहिक खुशहाली और लक्ष्मी कृपा के लिए शुभ माना जाता है।

Manali Rastogi
पब्लिश्ड15 Jan 2026, 12:06 PM IST
Pradosh Vrat 2026: 16 या 17 जनवरी, क्या है प्रदोष व्रत की सही तारीख, जानिए पूजा का समय और महत्व
Pradosh Vrat 2026: 16 या 17 जनवरी, क्या है प्रदोष व्रत की सही तारीख, जानिए पूजा का समय और महत्व

प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा से की गई पूजा का फल अवश्य मिलता है। प्रदोष व्रत रखने से भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त होती है और मनोकामनाएं पूरी होती हैं। यह व्रत त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है, जो हर महीने दो बार आती है एक बार कृष्ण पक्ष में और एक बार शुक्ल पक्ष में।

यह भी पढ़ें | फ्री में कैसे अपडेट करें बच्चे का आधार कार्ड? सिंपल स्टेप्स में जानिए प्रोसेस

हर प्रदोष व्रत का नाम उस दिन के अनुसार रखा जाता है जिस दिन वह पड़ता है। जैसे अगर यह मंगलवार को हो तो मंगल प्रदोष, और शुक्रवार को हो तो शुक्र प्रदोष कहलाता है। आइए जानते हैं जनवरी में प्रदोष व्रत की तारीख और पूजा का शुभ समय।

प्रदोष व्रत 2026 की तारीख

प्रदोष व्रत की तारीख को लेकर कुछ भ्रम है कि यह 16 जनवरी को है या 17 जनवरी को। पंचांग के अनुसार माघ कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि 15 जनवरी को रात 8:16 बजे शुरू होती है और 16 जनवरी 2026 को रात 10:21 बजे समाप्त होती है। इसलिए प्रदोष व्रत शुक्रवार, 16 जनवरी 2026 को रखा जाएगा। शुक्रवार होने के कारण इसे शुक्र प्रदोष कहा जाएगा।

यह भी पढ़ें | आज कितने बजे तक मनाई जा रही मकर संक्रांति? क्या है पुण्यकाल का शुभ मुहूर्त

प्रदोष व्रत 2026 का शुभ समय

16 जनवरी को शुक्र प्रदोष पूजा का शुभ समय शाम 6:22 बजे से रात 8:56 बजे तक रहेगा। प्रदोष पूजा हमेशा शाम के समय, प्रदोष काल में की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, त्रयोदशी की रात के पहले पहर में भगवान शिव की पूजा करने से चिंताएं और कष्ट दूर होते हैं।

यह भी पढ़ें | आज कितने बजे तक मनाई जा रही मकर संक्रांति? क्या है पुण्यकाल का शुभ मुहूर्त

शुक्र प्रदोष का महत्व

शुक्र प्रदोष के दिन भगवान शिव और माता पार्वती के साथ-साथ माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। यह व्रत सुंदरता, सुख-सुविधा, वैवाहिक जीवन में खुशहाली और धन-वृद्धि के लिए शुभ माना जाता है। यह व्रत विशेष रूप से महिलाओं के लिए लाभकारी माना जाता है। मान्यता है कि शुक्र प्रदोष व्रत रखने से दांपत्य जीवन सुखमय होता है और घर में माता लक्ष्मी की कृपा बनी रहती है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सPradosh Vrat 2026: 16 या 17 जनवरी, क्या है प्रदोष व्रत की सही तारीख, जानिए पूजा का समय और महत्व
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सPradosh Vrat 2026: 16 या 17 जनवरी, क्या है प्रदोष व्रत की सही तारीख, जानिए पूजा का समय और महत्व