भारत के बढ़ने या जापान के... चौथी इकॉनमी बना भारत तो चीन ने जताई खुशी, लेकिन यूजर ने पूछ डाला कड़वा सवाल

विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था भारत 2026 में भी मजबूत स्थिति बनाए रखने की राह पर है। यहां मजबूत वृद्धि, कम मुद्रास्फीति एवं सुदृढ़ बैंकिंग प्रदर्शन जैसे अनुकूल कारक मौजूद हैं। साथ ही, 2025 के दौरान देखी गई आर्थिक रफ्तार को कायम रखने के लिए सुधार पहलें भी तैयार हैं।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड2 Jan 2026, 12:53 PM IST
चौथे स्थान पर पहुंची भारतीय अर्थव्यवस्था (सांकेतिक तस्वीर)
चौथे स्थान पर पहुंची भारतीय अर्थव्यवस्था (सांकेतिक तस्वीर)(From @ChinaSpox_India x post)

Chinese Reaction on Indian Economy: भारत नया वर्ष 2026 के प्रवेश से पहले जापान को पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन गया। इस पर दुनिया की दूसरी सबसे बड़ी इकॉनमी और पड़ोसी देश चीन ने खुशी का इजहार किया। भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने सोशल मीडिया प्लैटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में भारत की इस उपलब्धि पर कहा कि चीन को इसकी खुशी है। इस पोस्ट पर कई प्रतिक्रियाएं आईं। एक यूजर ने अपनी प्रतिक्रिया में चीनी प्रवक्ता से बड़ा ही कड़वा सवाल पूछ डाला।

4.18 ट्रिलियन डॉलर के साथ भारत तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की केंद्र सरकार के एक बयान में कहा है कि भारत ने 4.18 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ जापान को पीछे छोड़ते हुए विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था का स्थान हासिल कर लिया है। 2030 तक अनुमानित 7.3 लाख करोड़ डॉलर की जीडीपी के साथ अगले ढाई से तीन वर्ष में जर्मनी को पछाड़कर तीसरे स्थान पर पहुंचने की राह पर है। इसमें में कहा गया, ‘वर्तमान व्यापक आर्थिक स्थिति उच्च वृद्धि और कम मुद्रास्फीति के दुर्लभ मजबूत दौर को दर्शाती है।’

चीन ने भारत की प्रशंसा में क्या कहा, जानिए

इस पर चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने एक्स पर लिखा, 'यह जानकर खुशी हुई कि भारत अब जापान के पछाड़कर दुनिया की चौथी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने जा रहा है। भारत का उत्कर्ष बताता है कि सच्ची शक्ति इतिहास का ईमानदारी से सामना करने, इससे सीखने और भविष्य की जिम्मेदारियां उठाने से आती है।' प्रवक्ता ने अपने इस बयान के साथ एक तस्वीर भी शेयर की है जिसमें शतरंज की बिसात पर भारत, जापान को पीछे छोड़कर आगे निकलता दिख रहा है।

यूजर ने किया सवाल, फिर बोले- ये तो सिर्फ मजाक है

इस पोस्ट पर अनेक प्रतिक्रियाएं आईं, लेकिन एक कॉमेंट बड़ा दिलचस्प है। @vinodkumarpm1 ने अपनी टिप्प्णी में पूछा है, 'आप भारत के एक स्थान ऊपर चढ़ने से खुश हैं या फिर जापान के एक स्थान खिसकने से?' यूजर ने अपनी इस टिप्पणी के साथ मजाक वाली इमोजी भी बनाई और लिखा, ‘ये तो बस एक मजाक है!’ ध्यान रहे कि चीन की जापान से घोर प्रतिस्पर्धा है

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यूजर ने चीनी दूतावास की प्रवक्ता के बयान पर की यह टिप्पणी
(X post screeshot)

2026 में तेजी से दौड़ेगी भारतीय अर्थव्यवस्था

बीते वर्ष 2025 में विभिन्न विपरीत वैश्विक परिस्थितियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था पटरी पर न केवल बनी रही बल्कि फर्राटे से आगे बढ़ती रही। अच्छी बात यह है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के वर्ष 2026 में भी तेज प्रगति करने के अनुमान लगाए जा रहे हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि मजबूत वृद्धि, कम महंगाई और सुदृढ़ बैंकिंग प्रदर्शन जैसे अनुकूल कारक मौजूद हैं। साथ ही, 2025 के दौरान देखी गई आर्थिक रफ्तार को कायम रखने के लिए सुधार पहलें भी तैयार हैं।

उधर, भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने प्रमुख क्षेत्रों में व्यापक गति को दर्शाते हुए भारतीय रिजर्व बैंक ने 2025-26 के लिए जीडीपी वृद्धि अनुमान को 6.8 प्रतिशत से बढ़ाकर 7.3 प्रतिशत कर दिया है। वहीं, विश्व बैंक, आईएमएफ, मूडीज, आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (OECD), फिच और एसएंडपी जैसी अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भी इस आशावादी रुख की पुष्टि की।

भारत की अर्थव्यवस्था की मजबूती के कारण भी जानिए

विशेषज्ञों का मानना है कि वृद्धि दर में कुछ नरमी आ सकती है लेकिन मजबूत घरेलू बुनियाद, अनुकूल वित्तीय परिस्थितियों और जारी सुधारों से अर्थव्यवस्था मजबूत बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि वैश्विक व्यापार अनिश्चितताओं से उत्पन्न बाहरी दबाव एवं उनका निर्यात पर असर चुनौती बन सकता है। हालांकि, प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के जल्द पूरा होने से निर्यात और अर्थव्यवस्था को और बल मिल सकता है।

बजट से बढ़ेगी आर्थिक मजबूती

फरवरी में पेश होने वाले केंद्रीय बजट में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से सुधारों को और गहरा करने तथा अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए अतिरिक्त उपायों की घोषणा की व्यापक उम्मीदें हैं। उन्होंने पिछली बार करदाताओं को उल्लेखनीय राहत देने के साथ-साथ घरेलू एवं विदेशी निवेश को बढ़ावा देने के उपायों की घोषणा की थी।

माइक्रोसॉफ्ट (2030 तक 17.5 अरब डॉलर), अमेजन (अगले पांच वर्ष में 35 अरब डॉलर) और गूगल (अगले पांच वर्ष में 15 अरब डॉलर) जैसी कई वैश्विक कंपनियों ने बड़े निवेश की घोषणाएं की हैं। इसके अलावा, आईफोन विनिर्माता एप्पल, दक्षिण कोरियाई इलेक्ट्रॉनिक्स कंपनी सैमसंग और आर्सेलरमित्तल निप्पॉन स्टील इंडिया ने भी बड़ी विस्तार योजनाओं की घोषणा की है।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारत द्वारा किए गए मुक्त व्यापार समझौतों से भी अर्थव्यवस्था के विस्तार में मदद मिलने की उम्मीद है। प्रस्तावित भारत-अमेरिका व्यापार समझौता (जिसके जल्द साकार होने की संभावना है) निर्यात एवं उद्योग विशेषकर सूक्ष्म, लघु एवं मझोले उद्यम (MSME) के लिए उत्प्रेरक साबित होगा। सरकार के 2025 के अंत में जीएसटी दरों में कटौती की और नए श्रम संहिताओं को लागू किया।

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