Pradhan Mantri Rashtriya Bal Puraskar: आज देश के विभिन्न राज्य के 20 बच्चों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार से सम्मानित किया गया। ये पुरस्कार उन्हें उनकी वीरता दिखाने के लिए दिया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सम्मानित होने में होने वाले बच्चों की लिस्ट में एक नाम श्रवण सिंह की भी है। आइए जानते हैं कि श्रवण सिंह को क्यों सम्मानित किया गया।
श्रवण सिंह को क्यों मिला पुरस्कार?
ऑपरेशन सिंदूर के वक्त जब मिसाइल और रॉकेट से हमले हो रहे थे। उस वक्त लोग अपने घरों में छिपकर बैठ गए थे, लेकिन उस वक्त श्रवण ने अपनी जान खतरे में डालकर सैनिकों की मदद की। श्रवण ने सेना के जवानों को पानी, दूध, चाय और बर्फ समेत कई जरूरत की चीजें उनके पास तक पहुंचाई थी। वो रोज सेना की चौकी तक जाकर उनको जरूरत का सामान देकर आता था।
राष्ट्रपति मुर्मू से पुरस्कार मिलने के बाद श्रवण सिंह ने कहा कि जब पाकिस्तान के खिलाफ ऑपरेशन सिंदूर शुरू हुआ, तो सैनिक हमारे गांव आए। मैंने सोचा कि मुझे उनकी सेवा करनी चाहिए। मैं रोज़ उनके लिए दूध, चाय, छाछ और बर्फ ले जाता था। मुझे अवॉर्ड पाकर बहुत अच्छा लग रहा है। मैंने कभी इसका सपना भी नहीं देखा था।
भारतीय सेना भी श्रवण को कर चुकी है सम्मानित
देशभक्ति कभी भी उम्र की मोहताज नहीं रही है। इसका उदाहरण श्रवण है। ऑपरेशन सिंदूर में सेना की मदद करने के लिए भारतीय सेना के 7वीं इन्फैंट्री डिवीजन के जनरल ऑफिसर कमांडिंग मेजर जनरल रणजीत सिंह मानराल ने खुद उसे सार्वजनिक रूप से सम्मानित किया. श्रवण को पुरस्कार, विशेष भोजन और आइसक्रीम भी दी थी।
पंजाब के सीएम भगवंत सिंह मान ने भी दी बधाई
श्रवण सिंह फिरोजपुर के रहने वाले हैं। प्रधानमंत्री नेशनल बाल पुरस्कार से सम्मानित होने पर सीएम भगवंत मान ने श्रवण को बधाई दी। उन्होंने लिखा- पंजाबियों के लिए यह बड़े गर्व की बात है कि आज राष्ट्रपति द्वारा हमारे फिरोजपुर के निवासी 10 वर्षीय श्रवण सिंह को 'राष्ट्रीय बाल पुरस्कार' से सम्मानित किया गया। हमारे गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रवण सिंह ने घर से चाय-पानी और भोजन लाकर सैनिकों की जो सेवा की, वह काबिल-ए-तारीफ़ है। बच्चे के देश के प्रति हौसले और जज़्बे को सलाम।