
India AI Summit 2026: दिल्ली में चल रहा 'इंडिया AI इम्पैक्ट समिट' इन दिनों सोशल मीडिया पर खूब सुर्खियों में बना हुआ है। आज दुनिया की सबसे बड़ी AI कंपनी Anthropic के CEO डारियो अमोदेई (Dario Amodei) ने भारत को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि भारत अब दुनिया के लिए AI का सबसे बड़ा टेस्टिंग हब बन चुका है। भारत में काम करने की जो एनर्जी है, वो दुनिया में कहीं और नहीं है। आइए जानते हैं कि भारत को दुनिया का AI हब बताने वाले डारियो अमोदेई कौन हैं।
AI की दुनिया में डारियो अमोदेई काफी जाना पहचाना नाम है। वे Anthropic नाम की कंपनी के सह-संस्थापक और सीईओ हैं, जिसने हाल के वर्षों में एआई सुरक्षा में अपनी मजबूत पकड़ बनाई हुई है। डारियो अमोदेई ने अपनी पढ़ाई की शुरुआत कैलिफोर्निया इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (CalTech) से की थी। उसके बाद वो स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी चले गए और वहां से भौतिकी में स्नातक की डिग्री पूरी की। इसके बाद उन्होंने प्रिंसटन यूनिवर्सिटी से बायोफिजिक्स में पीएचडी की और फिर स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी स्कूल ऑफ मेडिसिन में पोस्ट डॉक्टोरल रिसर्च किया।
डारियो अमोदेई ने शुरू में ही अपनी कंपनी खड़ी नहीं की, बल्कि उन्होंने Anthropic शुरू करने से पहले कई बड़ी टेक कंपनियों में काम किया। वे OpenAI में रिसर्च के वाइस प्रेसिडेंट रहे और GPT‑2 तथा GPT‑3 में अहम भूमिका निभाई थी। इन दोनों ने लोगों के मन के अंदर से AI की पूरी इमेज ही बदल दी। उसके बाद से आज हम काफी चीजों में AI के ऊपर डिपेंड हो गए हैं।
उस वक्त इंसानों के लिए ये तकनीक बिल्कुल नई थी और वो काफी पसंद भी की जा रही थी। ये नई एआई प्रणालियां निबंध लिख सकती थीं, सवालों के जवाब दे सकती थीं और यहां तक कि बातचीत की नकल भी कर लेती थीं। कभी इनके जवाब भरोसेमंद लगते थे, तो कभी मजाकिया भी लगते थे। कभी-कभी ये ऐसे जवाब देती थी कि जैसे कोई इंसान ही बात कर कर रहा है।
इसी दौर में डारियो अमोदेई ने एक अहम तकनीक का सह-आविष्कार किया, जिसे कहते हैं मानव प्रतिक्रिया से सुदृढ़ीकरण अधिगम (RLHF)। ये नाम सुनने में भले ही भारी-भरकम लगे, लेकिन इसका विचार बहुत सीधा है। इसमें एआई को ये सिखाया जाता है कि इंसानों को वास्तव में क्या पसंद आता है। यानी मशीन को सिर्फ गणितीय हिसाब से सही जवाब देने के बजाय ये दिखाना कि कौन-सा जवाब इंसानों को अच्छा लगता है, कौन-सा उन्हें मददगार लगता है।आसान शब्दों में कहें तो RLHF एआई को इंसानों की पसंद और नापसंद समझना सिखाता है। यही वजह है कि आज की एआई प्रणालियां लोगों के बीच काफी लोकप्रिय हो गई हैं।
इसके अलावा डारियो अमोदेई ने Google Brain और Baidu में भी काम किया है। उसके बाद उन्होंने साल 2021 में अपनी बहन डेनिएला के साथ मिलकर Anthropic की स्थापना की। इस कंपनी की शुरुआत करते हुए उन्होंने ठान लिया था कि उन्हें सबसे शक्तिशाली AI बनाना है, जिसकी टक्कर में कोई न हो। उन्होंने अपनी मेहनत और लगन से ऐसा करके भी दिखा दिया। आज उनकी कंपनी AI की दुनिया में टॉप लेवल की कंपनी में गिनी जाती है।
Anthropic एक अमेरिकी AI कंपनी है। ये कंपनी यह कंपनी Public Benefit Corporation के रूप में काम करती है, यानी इसका मकसद सिर्फ मुनाफा कमाना नहीं बल्कि समाज के लिए सुरक्षित और जिम्मेदार एआई बनाना है। Anthropic नई एआई तकनीकों पर रिसर्च करती है और उन्हें विकसित करती है। कंपनी का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि एआई सिस्टम सुरक्षित हों और इंसानों के लिए जोखिम न पैदा करें।
डारियो अमोदेई ने भले ही AI की दुनिया में काफी नाम कमा लिया हो, लेकिन उन्होंने हाल ही में एआई के भविष्य को लेकर गंभीर चेतावनी दी थी। उन्होंने कहा कि अगर एआई का विकास बिना किसी कंट्रोल के होता रहा ,तो इसके नतीजे बेहद खतरनाक हो सकते हैं। उन्होंने अपनी वेबसाइट पर प्रकाशित 38 पन्नों के निबंध The Adolescence of Technology में लिखा है कि दुनिया एआई की तेज विकास के लिए अभी तैयार नहीं है, तो हम सभी को मिलकर कई ऐसे फैसले लेने होंगे, तो मानवहित में होंगे। अगर ऐसा नहीं हुआ, तो हम AI के ऊपर से कंट्रोल खो देंगे।।
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