कौन है ज्योति याराजी? बारिश, रिकॉर्ड और जज्बे से एशिया पर राज करने वाली भारतीय धाविका

2017 में लॉन्ग जंप छोड़ हर्डल्स अपनाने वाली ज्योति का एशिया की हर्डल क्वीन बनने का सफर संघर्षों से भरा रहा है। ज्योति ने 2023 बैंकॉक में इतिहास रचते हुए पहली बार एशियाई स्वर्ण जीता था। ज्योति ने 2024 में 12.78 सेकेंड का राष्ट्रीय रिकॉर्ड रचा लेकिन पेरिस ओलंपिक में निराशा हाथ लगी थी। 

Rishabh Shukla
अपडेटेड23 Dec 2025, 08:53 PM IST
भारतीय एथलीट ज्योति याराजी
भारतीय एथलीट ज्योति याराजी(Social Media)

दक्षिण कोरिया के गुमी में 29 मई 2025 को आयोजित एशियन एथलेटिक्स चैंपियनशिप में भारत की ज्योति याराजी ने महिला 100 मीटर बाधा दौड़ का स्वर्ण पदक बचाकर इतिहास रचा था। लगातार बारिश के कारण खाली स्टेडियम में हुए इस मुकाबले में ज्योति ने 12.96 सेकेंड का समय निकालते हुए नया चैंपियनशिप रिकॉर्ड बनाया। जापान की युमी तनाका और चीन की यानि वू ने तेज शुरुआत की, लेकिन अंतिम हर्डल्स के बाद ज्योति की जबरदस्त फिनिश ने उन्हें पीछे छोड़ दिया। आज ज्योति का वह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर यूजर भावुक अंदाज में ज्योति की तारीफ कर रहे हैं।

कौन हैं ज्योति याराजी?

ज्योति याराजी, आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम की रहने वाली हैं। ज्योति याराजी का जन्म 28 अगस्त, 1999 को आंध्र प्रदेश के विशाखापट्टनम (विजाग) में हुआ था। ज्योति सीमित संसाधनों के साथ पली-बढ़ी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक उनके पिता सूर्यनारायण एक प्राइवेट सुरक्षा गार्ड के रूप में काम करते हैं। जबकि उनकी माता कुमारी एक घरेलू सहायिका हैं। साल 2015 में ज्योति याराजी आंध्र प्रदेश इंटर-डिस्ट्रिक्ट मीट में स्वर्ण पदक जीतने के बाद पहली बार सुर्खियों में आई थीं। उसके अगले साल वह ओलंपियन और द्रोणाचार्य पुरस्कार विजेता कोच एन रमेश से प्रशिक्षण लेने के लिए हैदराबाद के साई सेंटर चली गईं।

साल 2025 में सबसे कम समय लेकर बनाया रिकॉर्ड

ज्योति याराजी साल 2025 में पहली बार 13 सेकेंड से कम समय में दौड़ीं। पेरिस ओलंपिक में अपनाई गई जोखिम भरी सात-स्ट्राइड तकनीक से हटकर उन्होंने फिर से आठ-स्ट्राइड तकनीक अपनाई, जिससे चोट का खतरा कम हुआ और रिदम बेहतर हुई। कोच जेम्स हिलियर ने उन्हें क्लास एक्ट बताते हुए कहा कि ज्योति ने रेस प्लान को बिल्कुल सटीक तरीके से लागू किया था।

संघर्ष, वापसी और विश्व मंच की तैयारी

ज्योति का सफर गांव के कच्चे ट्रैक से शुरू होकर एशिया के शीर्ष तक पहुंचा है। 2017 में लॉन्ग जंप छोड़कर हर्डल्स अपनाने वाली ज्योति ने 2023 में पहला एशियन गोल्ड जीता। 2024 में राष्ट्रीय रिकॉर्ड, ओलंपिक निराशा और 2025 में दमदार वापसी ने उन्हें और मजबूत बनाया है। अब उनका लक्ष्य 2026 वर्ल्ड चैंपियनशिप के लिए क्वालिफाई करना है, जहां 12.73 सेकेंड का मानक पार करना होगा।

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