Chandigarh New Mayor Name: चंडीगढ़ नगर निगम चुनाव में भाजपा ने बाजी मार ली है। इस जीते बाद चंडीगढ़ के नए मेयर की कुर्सी सौरभ जोशी के हाथ में आ गई है। आज सुबह मेयर के लिए हुई वोटिंग में भाजपा को 18 वोट, आम आदमी पार्टी को 11 और कांग्रेस को 7 वोट मिले। आइए चंड़ीगढ़ के नए मेयर के बारे में जानते हैं।
कौन हैं सौरभ जोशी?
सौरभ जोशी स्थानीय राजनीति में सक्रिय और मुखर नेता माने जाते हैं। वे लंबे समय से चंडीगढ़ के नागरिक मुद्दों पर काम कर रहे हैं और भाजपा संगठन में उनकी पहचान एक मेहनती पार्षद के रूप में है। उनकी जीत न केवल भाजपा के लिए अहम है बल्कि यह संकेत भी देती है कि चंडीगढ़ की नगर निगम राजनीति में पार्टी का दबदबा कायम है। अब उनसे उम्मीद की जा रही है कि वे शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए ठोस कदम उठाएंगे।
इस बार मेयर चुनाव में एक बड़ा बदलाव देखने को मिला। सीक्रेट बैलेट की जगह पार्षदों द्वारा हाथ उठाकर मतदान की प्रक्रिया अपनाई गई। मतदान शुरू होने से पहले ही भाजपा पार्षदों ने सौरव जोशी को बधाई देना शुरू कर दिया था, जिससे पार्टी की स्थिति मजबूत नजर आ रही थी।
यह पहला अवसर था जब भाजपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी तीनों दलों ने अलग-अलग उम्मीदवार उतारे। पिछले दो मेयर चुनावों में आज और कांग्रेस के बीच गठबंधन था, लेकिन इस बार गठबंधन टूट गया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इसी टूट का सबसे बड़ा फायदा भाजपा को मिला और विपक्षी वोट बंट गए।
कांग्रेस ने साधा आप पर निशाना
मेयर के चुनाव से पहले चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रधान एच.एस. लक्की ने कहा कि अक्सर जब किसी भी राज्य में चुनाव होते हैं तो हम इंडी गठबंधन की बात करते हैं। वहीं आम आदमी पार्टी पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल पहले ही इंडिया गठबंधन से बाहर जा चुके हैं। हम सिर्फ सीट शेयरिंग कर रहे थे, लेकिन चंडीगढ़ में वह भी आम आदमी पार्टी ने नहीं की। अगर चंडीगढ़ का विकास चाहिए, तो हमें भारतीय जनता पार्टी का मेयर नहीं बल्कि किसी अन्य पार्टी का मेयर बनाना होगा। हालांकि बीजेपी के सौरभ जोशी ने मेयर की कुर्सी पर अपना कब्जा जमा लिया है।