
Who will be Iran's next Supreme Leader: अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले ने न केवल तेहरान की धरती को दहलाया, बल्कि वहां के सत्ता के शिखर को भी खाली कर दिया है। अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद अब हर किसी की नजर इस बात पर है कि ईरान का भविष्य क्या होगा और इस खाली पड़ी गद्दी पर कौन बैठेगा।
ईरान के सरकारी टीवी और समाचार एजेंसी IRNA ने आखिरकार उस खबर पर मुहर लगा दी है जिसका अंदेशा पूरी दुनिया को था। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई अब इस दुनिया में नहीं रहे। ईरान की अपनी न्यूज एजेंसियां 'फार्स' और 'तस्नीम' के अनुसार, सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई शनिवार तड़के अपने दफ्तर में अपनी जिम्मेदारियों को निभाते समय मारे गए। इस खबर के आते ही पूरे ईरान में सन्नाटा और शोक की लहर है, लेकिन पर्दे के पीछे सत्ता हथियाने की बिसात बिछनी शुरू हो गई है।
आजतक की रिपोर्ट के मुताबिक, राजनीतिक गलियारों में दो नाम सबसे ज्यादा सुने जा रहे हैं। एक हैं मोजतबा खामेनेई, जो खामेनेई के बेटे हैं। दूसरा नाम है हसन खुमैनी का, जो इस्लामी गणराज्य के संस्थापक अयातुल्ला खुमैनी के पोते हैं। हालांकि अंतिम फैसला ‘विशेषज्ञों की परिषद’ करेगी। इस परिषद में 88 वरिष्ठ मौलवी शामिल होते हैं और वही औपचारिक रूप से नए सुप्रीम लीडर का चुनाव करते हैं।
ईरान की व्यवस्था ‘विलायत-ए-फकीह’ सिद्धांत पर आधारित है। इसका मतलब साफ है, सुप्रीम लीडर वही बन सकता है जो एक वरिष्ठ धार्मिक विद्वान हो। खामेनेई ने अपने जीवनकाल में किसी उत्तराधिकारी का नाम सार्वजनिक रूप से तय नहीं किया था। इसलिए अब प्रक्रिया पूरी तरह संवैधानिक ढांचे के तहत आगे बढ़ेगी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट की मानें तो फिलहाल ऐसा कोई चेहरा नहीं दिखता जिसके पास खामेनेई जैसी मजबूत पकड़ और प्रभाव हो। नए नेता के सामने सबसे बड़ी परीक्षा होगी देश की ताकतवर संस्थाओं पर भरोसा और नियंत्रण कायम करना। इनमें सबसे अहम है इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC)। यह सैन्य संगठन सीधे सुप्रीम लीडर को जवाब देता है और सरकार से अलग संरचना में काम करता है।
ये भी पढ़ें: Explained: इजराइल-अमेरिका का ईरान पर भीषण हमला, मिडिल ईस्ट में महायुद्ध का भारत पर क्या होगा असर?
ईरान की असली ताकत उसकी सेना IRGC में बसती है, जो सीधे सर्वोच्च नेता को रिपोर्ट करती है। शनिवार के हमलों में IRGC कमांडर मोहम्मद पाकपुर की मौत ने सेना के मनोबल को तगड़ी चोट पहुंचाई है। ईरानी आउटलेट डेली ईरान न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार, हालात को बिगड़ता देख ईरान ने आनन-फानन में ब्रिगेडियर जनरल अहमद वहीदी को नया कमांडर-इन-चीफ नियुक्त कर दिया है। यह नियुक्ति इस बात का संकेत है कि ईरान अब इजरायल और अमेरिका के खिलाफ एक बड़े जवाबी हमले की तैयारी कर रहा है।
अहमद वहीदी ईरान की सुरक्षा व्यवस्था के लंबे समय से जुड़े और अनुभवी सैन्य रणनीतिकार माने जाते हैं। वह इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) के संस्थापक सदस्यों में से एक रहे हैं। वहीदी पहले कुद्स फोर्स के कमांडर रह चुके हैं। कुद्स फोर्स, IRGC की वह शाखा है जो ईरान के बाहरी सैन्य ऑपरेशनों और क्षेत्रीय नेटवर्क को संभालती है। इसके अलावा वह ईरान के रक्षा मंत्री के पद पर भी काम कर चुके हैं।
वहीदी को 'एसिमेट्रिक वारफेयर' (छापामार या गैर-पारंपरिक युद्ध) का उस्ताद माना जाता है। ऐसे नाजुक वक्त में उन्हें कमांडर-इन-चीफ बनाना यह दिखाता है कि ईरान अब इजरायल और अमेरिका को सीधे और कड़े तरीके से चुनौती देने की तैयारी में है।
खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद IRGC ने एक बेहद डरावना बयान जारी किया है। सरकारी मीडिया के जरिए ईरान ने कहा है कि वे अब "इस्लामी गणराज्य के इतिहास का सबसे विशाल और शक्तिशाली आक्रामक ऑपरेशन" शुरू करने की तैयारी कर रहे हैं।
ईरान का सीधा निशाना इजरायल और मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं। इस बयान के बाद पूरे क्षेत्र की सरकारों और ग्लोबल मार्केट में खलबली मच गई है, क्योंकि अब यह जंग सिर्फ दो देशों के बीच न रहकर पूरे मिडिल ईस्ट में फैल सकती है।
Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.
Oops! Looks like you have exceeded the limit to bookmark the image. Remove some to bookmark this image.