लंच करने के बाद क्यों आती है नींद? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का कारण, डिटेल में जानिए आप भी

दोपहर का खाना खाने के बाद थकान, सुस्ती और काम करने का मन न होना कोई आलस नहीं है। यह शरीर में होने वाली एक प्राकृतिक प्रक्रिया है। डॉ. सूद बताते हैं कि भोजन के बाद शरीर में कुछ बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से ऊर्जा और एकाग्रता कम महसूस होती है।

Manali Rastogi
अपडेटेड11 Jan 2026, 08:01 PM IST
लंच करने के बाद क्यों आती है नींद? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का कारण, डिटेल में जानिए आप भी
लंच करने के बाद क्यों आती है नींद? डॉक्टर ने बताया इसके पीछे का कारण, डिटेल में जानिए आप भी

दोपहर के खाने के बाद झपकी आने की तीव्र इच्छा, भारी पलकों का एहसास, दिमाग का सुस्त हो जाना और काम करने का मन न होना यह समस्या बहुत से लोग रोज महसूस करते हैं। अक्सर लोग इसे आलस या इच्छा शक्ति की कमी मान लेते हैं, लेकिन हकीकत यह है कि लंच के बाद आने वाली यह सुस्ती शरीर में होने वाले वास्तविक शारीरिक बदलावों की वजह से होती है, खासकर जब भोजन ज्यादा या भारी हो।

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एनेस्थीसियोलॉजिस्ट और इंटरवेंशनल पेन मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. कुनाल सूद ने बताया कि दोपहर में ऊर्जा कम होना कोई मानसिक कमजोरी नहीं, बल्कि शरीर की सामान्य प्रक्रिया है। 11 जनवरी को इंस्टाग्राम पर साझा एक वीडियो में उन्होंने कहा, “लंच के बाद सुस्ती या ध्यान न लगना इच्छा शक्ति की कमी नहीं, बल्कि शरीर की फिजियोलॉजी है। यह आलस नहीं, बल्कि खाने के बाद होने वाला रक्त प्रवाह और मेटाबॉलिज्म का असर है, जिसे सुधारा जा सकता है।”

खाने के बाद पेट की ओर जाता है ज्यादा खून

डॉ. सूद के अनुसार, जब हम भारी भोजन करते हैं, खासकर जिसमें कार्बोहाइड्रेट या फैट ज्यादा होता है, तो शरीर पाचन मोड में चला जाता है। इस दौरान खून का बड़ा हिस्सा पेट और आंतों की ओर चला जाता है ताकि पाचन ठीक से हो सके। इसे स्प्लैनक्निक सर्कुलेशन कहा जाता है।

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दिमाग तक कम पहुंचती है ऊर्जा

हालांकि शरीर का कुल रक्त प्रवाह सामान्य रहता है, लेकिन पाचन के लिए ज्यादा खून पेट की ओर जाने से दिमाग तक पहुंचने वाला खून थोड़ा कम हो सकता है। डॉ. सूद बताते हैं कि दिमाग को मिलने वाली ऑक्सीजन और ग्लूकोज में हल्की कमी भी नींद, धीमी सोच और मानसिक धुंध का कारण बन सकती है।

ग्लूकोज और इंसुलिन का असर

ज्यादा कार्बोहाइड्रेट वाला खाना खाने से ब्लड शुगर तेजी से बढ़ती है और इंसुलिन ज्यादा मात्रा में रिलीज होता है। इसके बाद जब ब्लड शुगर गिरती है, तो कुछ लोगों को दिमागी ऊर्जा कम महसूस होती है, जिससे सुस्ती आती है, भले ही शुगर बहुत ज्यादा न गिरी हो।

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जब शरीर संतुलन नहीं बना पाता

आमतौर पर शरीर इस स्थिति से निपटने के लिए ब्लड प्रेशर और हार्ट आउटपुट को संतुलित करता है। लेकिन अगर यह संतुलन ठीक से न बन पाए, तो खाने के बाद ब्लड प्रेशर गिर सकता है। इसे पोस्टप्रांडियल हाइपोटेंशन कहा जाता है, जो बुज़ुर्गों या कुछ बीमारियों वाले लोगों में ज्यादा देखा जाता है।

छोटे बदलाव से मिलेगी राहत

डॉ. सूद का कहना है कि कुछ आसान आदतें अपनाकर इस सुस्ती से बचा जा सकता है। जैसे—

  • छोटे और संतुलित भोजन करना
  • प्रोटीन और जरूरी पोषक तत्वों को शामिल करना
  • खाने के बाद हल्की वॉक या हल्की गतिविधि करना

उनके अनुसार, “संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन और खाने के बाद हल्की एक्टिविटी करने से पेट में ज्यादा खून जमा नहीं होता और लंच के बाद आने वाली सुस्ती कम हो जाती है।”

(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। कोई फैसला लेने से पहले विशेषज्ञ से बात करें। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)

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