Chitragupta Puja 2025: क्यों की जाती है चित्रगुप्त पूजा? जानिए पूजा विधि, यहां पढ़िए चित्रगुप्त भगवान की कथा

भाई दूज का पर्व दिवाली के बाद मनाया जाता है, जिसमें भाई-बहन के स्नेह का आदान-प्रदान होता है। इस दिन चित्रगुप्त पूजा की जाती है, जो ज्ञान और नैतिकता का प्रतीक है। यह पूजा विशेष रूप से शिक्षकों और व्यापारियों द्वारा की जाती है।

Manali Rastogi
अपडेटेड23 Oct 2025, 09:24 AM IST
क्यों की जाती है चित्रगुप्त पूजा? जानिए पूजा विधि, यहां पढ़िए चित्रगुप्त भगवान की कथा
क्यों की जाती है चित्रगुप्त पूजा? जानिए पूजा विधि, यहां पढ़िए चित्रगुप्त भगवान की कथा

जैसे पांच दिन तक चलने वाला दिवाली का त्योहार समाप्त होता है, उसी के साथ भाई-बहन के स्नेह का पर्व भाई दूज मनाया जाता है। इसी दिन चित्रगुप्त पूजा का धार्मिक अनुष्ठान भी किया जाता है। भक्त भगवान चित्रगुप्त की पूजा करते हैं, जिन्हें हर आत्मा के अच्छे-बुरे कर्मों का हिसाब रखने वाला देवता माना जाता है।

यह भी पढ़ें | Bhai Dooj 2025: भाई नहीं है तो कैसे मनाएं भाई दूज? यहां जानिए अन्य तरीके

भारत के कई हिस्सों, खासकर उत्तर भारत में, इस दिन को मस्य दान पूजा भी कहा जाता है। इस दिन लोग कलम और दावात (स्याही की दवात) की पूजा करते हैं। ये वस्तुएं ज्ञान, बुद्धि और न्याय के प्रतीक मानी जाती हैं।

चित्रगुप्त पूजा 2025 की तिथि और मुहूर्त

चित्रगुप्त पूजा 2025 का उत्सव गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025 को मनाया जाएगा। इसी दिन भाई दूज भी है। यह दिन भगवान चित्रगुप्त को समर्पित होता है, जो मानव कर्मों का लेखा-जोखा रखने वाले दिव्य देवता हैं। यह पूजा कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की द्वितीया तिथि पर होती है।

मुहूर्त (अपराह्न काल):

  • तारीख: गुरुवार, 23 अक्टूबर 2025
  • समय: दोपहर 1:32 बजे से 3:51 बजे तक
  • अवधि: 2 घंटे 19 मिनट

तिथि का समय:

द्वितीया तिथि प्रारंभ: 22 अक्टूबर को रात 8:16 बजे

द्वितीया तिथि समाप्त: 23 अक्टूबर को रात 10:46 बजे

यह भी पढ़ें | स्टॉक मार्केट और FD को लेकर हैं कंफ्यूज? निवेश करने से पहले समझिए सबकुछ

चित्रगुप्त पूजा क्यों की जाती है?

हिंदू मान्यता के अनुसार, भगवान चित्रगुप्त का जन्म कार्तिक मास की शुक्ल पक्ष द्वितीया तिथि को हुआ था, जो भाई दूज के दिन पड़ती है।

कहा जाता है कि वे भगवान ब्रह्मा की मानसिक संतानों में से हैं, इसलिए उनका नाम पड़ा “चित्रगुप्त” जिसका अर्थ है चित्त (मन) से उत्पन्न और गुप्त (ज्ञान से भरे हुए)। भगवान चित्रगुप्त यमराज के सलाहकार और ब्रह्मांड के कर्म लेखाकार हैं। वे हर व्यक्ति के कर्मों का हिसाब रखते हैं और उसी के आधार पर मृत्यु के बाद उसका भाग्य तय होता है।

चित्रगुप्त भगवान की कथा

कथा के अनुसार, यमराज ने अपनी बहन यमुना से वादा किया था कि जो भी व्यक्ति यम द्वितीया (भाई दूज) के दिन अपनी बहन से मिलने जाएगा, उसके घर भोजन करेगा और उसका आशीर्वाद लेगा, उसे अकाल मृत्यु का भय नहीं रहेगा।

यह भी पढ़ें | स्टॉक मार्केट और FD को लेकर हैं कंफ्यूज? निवेश करने से पहले समझिए सबकुछ

क्योंकि चित्रगुप्त यमराज के लेखक और सहायक हैं, इसलिए इस दिन उनकी भी पूजा की जाती है। इस कारण भाई दूज और चित्रगुप्त पूजा एक साथ मनाई जाती हैं, जो सच्चाई, पवित्रता और नैतिक संतुलन का प्रतीक हैं।

चित्रगुप्त पूजा विधि

यह पूजा खासतौर पर शिक्षकों, विद्यार्थियों, लेखकों और व्यापारियों द्वारा श्रद्धा से की जाती है। इस दिन भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति या चित्र की पूजा की जाती है और कलम, दवात तथा लेखा-बही का पूजन किया जाता है।

पूजा के चरण:

  • घर की सफाई करें और उत्तर-पूर्व दिशा में एक छोटा पूजास्थल बनाएं।
  • भगवान चित्रगुप्त की मूर्ति या चित्र के साथ कलम, दवात और लेखा-बही रखें।
  • फूल, चावल, चंदन, मिठाई और पान के पत्ते अर्पित करें।
  • भगवान चित्रगुप्त के मंत्रों का जाप करें और ज्ञान, विवेक व सही कर्मों का आशीर्वाद मांगें।

चित्रगुप्त पूजा का आध्यात्मिक महत्व और लाभ

यह दिन बुद्धि, सत्य और नैतिक जिम्मेदारी का प्रतीक है। भगवान चित्रगुप्त की पूजा से ज्ञान, साहस, विवेक और व्यापार में सफलता प्राप्त होती है। यह दिन हमें हमारे कर्मों के प्रति जागरूक रहने की सीख देता है।

भक्तों का मानना है कि भगवान चित्रगुप्त की आराधना से पुराने दोष मिटते हैं, कार्य में आने वाली रुकावटें दूर होती हैं, और समृद्धि प्राप्त होती है। व्यापारियों के लिए यह दिन नई बहीखातों और लेखा पुस्तकों की शुरुआत करने के लिए शुभ माना जाता है। चित्रगुप्त पूजा हमें याद दिलाती है कि दिवाली की चमक केवल धन में नहीं, बल्कि ईमानदारी और धर्म में बसती है।

(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई जानकारी सिर्फ धार्मिक मान्यताओं और परंपराओं पर आधारित है। मिंट हिंदी इस जानकारी की सटीकता या पुष्टि का दावा नहीं करता। किसी भी उपाय या मान्यता को अपनाने से पहले किसी योग्य विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।)

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सChitragupta Puja 2025: क्यों की जाती है चित्रगुप्त पूजा? जानिए पूजा विधि, यहां पढ़िए चित्रगुप्त भगवान की कथा
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सChitragupta Puja 2025: क्यों की जाती है चित्रगुप्त पूजा? जानिए पूजा विधि, यहां पढ़िए चित्रगुप्त भगवान की कथा
OPEN IN APP