US-ईरान जंग में क्या भारत निभाएगा मध्यस्थता की भूमिका? राजनाथ सिंह ने दिया यह जवाब

पश्चिम एशिया में जारी जंग के बीच केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने जर्मनी के दौरे पर भारत का रुख साफ किया। बर्लिन में उन्होंने कहा कि भारत ने हमेशा संतुलित और समझदारी भरी कूटनीति अपनाई है। उन्होंने संकेत दिया कि सही समय आने पर भारत शांति स्थापित करने में बड़ी भूमिका निभा सकता है।

Jitendra Singh
पब्लिश्ड22 Apr 2026, 05:20 PM IST
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत भविष्य में अहम भूमिका निभाएगा।
राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत भविष्य में अहम भूमिका निभाएगा।

मिडिल ईस्ट में जारी जंग के बीच भारत की भूमिका को लेकर बड़ा बयान सामने आया है। जर्मनी दौरे पर गए केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने बर्लिन में कहा कि अभी हालात जैसे हैं, उसमें भारत सीधे मध्यस्थता नहीं कर रहा है, लेकिन भविष्य में इसकी संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने हमेशा संतुलित और समझदारी भरी विदेश नीति अपनाई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भविष्य में भारत वैश्विक संघर्षों को सुलझाने में बड़ी भूमिका निभा सकता है, जिसमें पश्चिम एशिया का संकट भी शामिल है।

बर्लिन स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने हमेशा शांति की दिशा में प्रयास किए हैं, लेकिन हर चीज का एक सही समय होता है। उन्होंने कहा कि हो सकता है आने वाले समय में भारत इस दिशा में अहम भूमिका निभाए और सफल भी हो। उन्होंने यह भी बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संघर्ष में शामिल दोनों पक्षों से युद्ध खत्म करने की अपील की है और उनका रुख हमेशा संतुलित रहा है। केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि भारत ने अपनी तरफ से कोशिश भी की है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों से युद्ध समाप्त करने की अपील की है।

अमेरिका और ईरान से भारत ने की बातचीत

रक्षामंत्री ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दोनों पक्षों खासकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान से फोन पर बात की थी। उनसे युद्ध खत्म करने की अपील भी की थी। राजनाथ सिंह ने कहा कि कूटनीतिक मामलों में हमारे प्रधानमंत्री का दृष्टिकोण बहुत ही संतुलित है। रक्षा मंत्री ने वैश्विक राजनीति में भारत की स्थिति को मजबूत बताते हुए कहा कि भारत का रुख किसी एक पक्ष के खिलाफ नहीं है। यही कारण है कि न तो अमेरिका भारत को दुश्मन मानता है और न ही ईरान।

यह भी पढ़ें | ट्रंप ने ईरान के साथ बढ़ाया युद्धविराम, पाकिस्तान की अपील पर लिया फैसला

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से भारत के जहाज निकले सुरक्षित

इसके साथ ही उन्होंने भारत की कूटनीति की सराहना करते हुए कहा कि इसी संतुलित नीति की वजह से भारत के जहाज होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजर पाए, जबकि उस समय कई देशों के जहाजों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। राजनाथ सिंह ने अपने संबोधन में यह भी बताया कि यह उनका जर्मनी का पहला दौरा है और वे वहां के रक्षा मंत्री बोरिस पिस्टोरियस के निमंत्रण पर पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि भारत और जर्मनी के संबंध लगातार मजबूत हुए हैं और वर्ष 2026 दोनों देशों के लिए खास है, क्योंकि इस साल उनके कूटनीतिक संबंधों के 75 साल पूरे हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के रिश्ते लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं।

यह भी पढ़ें | क्या क्रैश होगा शेयर मार्केट? सीजफायर खत्म होने से पहले ट्रंप की ईरान को चेतावनी

इस्लामाबाद में हुई थी पहले दौर की बातचीत

अमेरिका और ईरान के बीच 8 अप्रैल को सीजफायर हुआ था, जिसके बाद पाकिस्तान ने दोनों पक्षों के बीच बातचीत कराने में अहम रोल निभाया। 11 और 12 अप्रैल को इस्लामाबाद में दोनों देशों के डेलीगेशन पहुंचे। जेडी वेंस के नेतृत्व में अमेरिकी डेलीगेशन पहुंचा, जबकि एमबी गालिबाफ के नेतृत्व में ईरानी डेलीगेशन। करीब 21 घंटे लंबी बातचीत हुई, लेकिन दोनों पक्ष सहमत नहीं हुए और जेडी वेंस इस्लामाबाद में छोटी सी प्रेस कॉन्फ्रेंस करके वाशिंगटन रवाना हो गए।

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमट्रेंड्सUS-ईरान जंग में क्या भारत निभाएगा मध्यस्थता की भूमिका? राजनाथ सिंह ने दिया यह जवाब
More