सर्वाइकल कैंसर से प्रभावित हैं केरल की 7.9 प्रतिशत महिलाएं, जानिए क्या है इसका कारण, इससे कैसे करें बचाव

Cervical Cancer: गर्भाशय ग्रीवा कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीका महत्वपूर्ण है। केरल में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है और स्वास्थ्य मंत्री ने जांच पर जोर दिया है। 7.9% महिलाएं इस कैंसर से प्रभावित हैं।

Manali Rastogi
अपडेटेड17 Nov 2025, 02:18 PM IST
गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से प्रभावित हैं केरल की 7.9 प्रतिशत महिलाएं, जानिए क्या है इसका कारण, इससे कैसे करें बचाव
गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर से प्रभावित हैं केरल की 7.9 प्रतिशत महिलाएं, जानिए क्या है इसका कारण, इससे कैसे करें बचाव

तिरुवनंतपुरम: केरल में 7.9 फीसदी महिलाएं गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर (Cervical Cancer) से प्रभावित पाई गई हैं। हाल ही में हुए एक अध्ययन में यह जानकारी सामने आई है। आज (17 नवंबर) विश्व गर्भाशय ग्रीवा कैंसर उन्मूलन दिवस भी है, जिसका उद्देश्य इस बीमारी के बारे में जागरूकता बढ़ाना और समय पर जांच की जरूरत को समझाना है।

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स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, गर्भाशय ग्रीवा का कैंसर महिलाओं में होने वाले प्रमुख कैंसरों में से एक है। इसका मुख्य कारण ह्यूमन पेपिलोमावायरस (एचपीवी) संक्रमण होता है। अगर बीमारी का पता समय पर चल जाए, तो इलाज के परिणाम काफी अच्छे होते हैं।

केरल में महिलाओं में स्तन और थायरॉयड कैंसर भी आम हैं, लेकिन गर्भाशय ग्रीवा कैंसर की मृत्यु दर ज्यादा है। इसकी वजह है देर से जांच करवाना और स्क्रीनिंग कार्यक्रमों में कम भागीदारी, जिससे बीमारी अक्सर आखिरी चरण में पता चलती है और इलाज मुश्किल हो जाता है।

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इस स्थिति को सुधारने के लिए केरल स्वास्थ्य विभाग ने 4 फरवरी 2024 को “आरोग्यम आनंदम - अक्तम अर्बुदम” अभियान शुरू किया। इसका लक्ष्य गर्भाशय ग्रीवा के कैंसर की शुरुआती जांच और रोकथाम को बढ़ावा देना है।

यह अभियान अब तक 20 लाख से ज्यादा लोगों तक पहुंच चुका है। लगभग 30,000 महिलाओं को आगे की जांच के लिए भेजा गया, जिनमें से 84 में कैंसर की पुष्टि हुई और 243 में कैंसर-पूर्व स्थितियां पाई गईं, जिनका समय रहते इलाज संभव है।

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विशेषज्ञों का कहना है कि एचपीवी टीका इस बीमारी से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका है। केरल ने कक्षा 6 और 12 की छात्राओं के लिए बड़े पैमाने पर एचपीवी टीकाकरण अभियान शुरू किया है। यह अभियान राज्य में सर्वाइकल कैंसर को कम करने में अहम भूमिका निभाएगा। स्वास्थ्य मंत्री वीना जॉर्ज ने सभी महिलाओं से अपील की है कि वे अपने नजदीकी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध कैंसर जांच सुविधाओं का नियमित उपयोग करें और समय-समय पर जांच करवाती रहें।

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