बसंत पंचमी पर सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए करें पीले रंग के फूड आइटम्स का सेवन, पूरी होगी हर मनोकामना

बसंत पंचमी मां सरस्वती को समर्पित ज्ञान और सकारात्मकता का पर्व है। इस दिन पीले रंग के व्यंजन जैसे केसरिया हलवा, बूंदी लड्डू, केसर चावल, खिचड़ी, बेसन के पकवान और पीले फल खाए जाते हैं, जो समृद्धि, शुद्धता और सौभाग्य का प्रतीक माने जाते हैं।

Manali Rastogi
अपडेटेड23 Jan 2026, 11:15 AM IST
बसंत पंचमी पर सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए करें पीले रंग के फूड आइटम्स का सेवन, पूरी होगी हर मनोकामना
बसंत पंचमी पर सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए करें पीले रंग के फूड आइटम्स का सेवन, पूरी होगी हर मनोकामना

बसंत पंचमी सिर्फ वसंत ऋतु के आगमन का त्योहार नहीं है, बल्कि यह प्रकाश, ज्ञान, सकारात्मकता और नई शुरुआत का उत्सव भी है। यह शुभ दिन विद्या की देवी मां सरस्वती को समर्पित होता है और इसका गहरा संबंध पीले रंग से है, जो ज्ञान, समृद्धि, आशा और सर्दी के बाद सूरज की गर्माहट का प्रतीक माना जाता है।

खासकर उत्तर भारत में, इस दिन घरों में पीले कपड़े, गेंदे के फूल और पीले रंग के व्यंजन नजर आते हैं। बसंत पंचमी पर पीले रंग का भोजन करने से सौभाग्य, स्पष्ट सोच और जीवन में समृद्धि आने की मान्यता है।

यह भी पढ़ें | यहां पढ़ें मां सरस्वती वंदना और श्लोक, प्रसन्न हो जाएंगी देवी

इसके अलावा, ये खाद्य पदार्थ मौसमी, पौष्टिक और शरीर को आराम देने वाले होते हैं, जो सर्दी से वसंत के बदलाव के लिए उपयुक्त हैं। नीचे बसंत पंचमी पर खाए जाने वाले आठ पारंपरिक पीले व्यंजन और उनका महत्व बताया गया है।

1. केसरिया हलवा

सूजी, घी, चीनी और केसर से बना केसरिया हलवा बसंत पंचमी का सबसे लोकप्रिय व्यंजन है। इसका सुनहरा रंग समृद्धि और देवी कृपा का प्रतीक है। कई घरों में इसे सबसे पहले मां सरस्वती को अर्पित किया जाता है। घी पोषण और शक्ति का प्रतीक है, जबकि केसर शुद्धता और आध्यात्मिक उन्नति से जुड़ा है। मान्यता है कि इसे खाने से जीवन में मिठास और खुशहाली आती है।

2. बूंदी के लड्डू

नरम, मीठे और खुशबूदार बूंदी के लड्डू हर भारतीय त्योहार का अहम हिस्सा होते हैं। इनका पीला रंग बेसन और हल्दी या रंग से आता है। बसंत पंचमी पर ये लड्डू खुशी, मेल-मिलाप और सीखने की मिठास का प्रतीक हैं। मां सरस्वती को मीठा भोग अर्पित करने का अर्थ है कि जीवन में ज्ञान और रचनात्मकता सहज रूप से आए।

यह भी पढ़ें | ओम जय सरस्वती माता मैया जय सरस्वती माता, यहां पढ़ें सरस्वती मां की आरती

3. केसर चावल (मीठे पीले चावल)

केसर, चीनी और सूखे मेवों से बने मीठे पीले चावल उत्तर भारत में खास तौर पर बनाए जाते हैं। ये हल्के, सुगंधित और उत्सव का एहसास दिलाते हैं। चावल जीवन की स्थिरता का प्रतीक हैं और केसर इन्हें पवित्र बनाता है। इन्हें खाने से घर में सुख-शांति और पढ़ाई व करियर में निरंतर प्रगति की मान्यता है।

4. हल्दी वाली खिचड़ी

चावल, दाल, हल्दी और घी से बनी पीली खिचड़ी सादा लेकिन बेहद लाभकारी भोजन है। आयुर्वेद और हिंदू परंपरा में हल्दी को शुद्ध और रक्षा देने वाला माना गया है। बसंत पंचमी पर यह खिचड़ी स्वच्छ सोच, स्वास्थ्य और संतुलन का प्रतीक है। यह मन को शांत करती है और शरीर को मजबूत बनाती है।

यह भी पढ़ें | खास अंदाज में देनी है बसंत पंचमी की शुभकामनाएं तो काम आएंगे ये कोट्स और मैसेज

5. बेसन से बने व्यंजन

बेसन का प्राकृतिक रंग पीला होता है और बसंत पंचमी पर इसका खूब उपयोग होता है। बेसन के लड्डू, बर्फी और पकौड़े आम हैं। बेसन ऊर्जा और स्थिरता का प्रतीक माना जाता है। इसे खाने से आत्मविश्वास बढ़ता है और सफलता के रास्ते खुलते हैं।

6. पीले फल – आम और केला

जहां उपलब्ध हो, वहां पके आम और केले बसंत पंचमी के भोग में शामिल किए जाते हैं। केला बुद्धि और पोषण का प्रतीक है, जबकि आम मिठास और पूर्णता दर्शाता है। इन फलों का सेवन करने से मानसिक स्पष्टता आती है और बिना अधिक तामझाम के शुभता का आशीर्वाद मिलता है।

(डिस्क्लेमर: ये सलाह सामान्य जानकारी के लिए दी गई है। मिंट हिंदी किसी भी परिणाम के लिए जिम्मेदार नहीं है।)

Get Latest real-time updates

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सबसंत पंचमी पर सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए करें पीले रंग के फूड आइटम्स का सेवन, पूरी होगी हर मनोकामना
More
बिजनेस न्यूज़ट्रेंड्सबसंत पंचमी पर सुख-समृद्धि की प्राप्ति के लिए करें पीले रंग के फूड आइटम्स का सेवन, पूरी होगी हर मनोकामना