Houthis join hands with Iran: मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब और खतरनाक मोड़ लेती दिख रही है। पहले से ही तनाव में घिरे हालात के बीच अब यमन से मिसाइल दागे जाने की खबर ने हालात को और गंभीर बना दिया है।
यमन ने इजरायल पर किया हमला
शनिवार को इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने जानकारी दी कि यमन से इजरायली क्षेत्र की ओर एक मिसाइल दागी गई है। यह पहली बार है जब ईरान-इजरायल टकराव के बीच यमन से ऐसा हमला सामने आया है। इजरायल की एयर डिफेंस सिस्टम तुरंत एक्टिव हो गई और मिसाइल को इंटरसेप्ट करने की कोशिश की गई। फिलहाल किसी तरह के नुकसान या हताहत होने की खबर नहीं आई है।
हूतियों की चेतावनी: "ट्रिगर पर है हमारी उंगली"
इस हमले के कुछ ही घंटों बाद हूती (Houthi) विद्रोहियों ने इसकी जिम्मेदारी लेते हुए कहा कि यह इजरायल द्वारा ईरान, लेबनान, इराक और फिलिस्तीन में किए जा रहे हमलों का करारा जवाब है। शुक्रवार को ही हूतियों ने चेतावनी दी थी कि अगर उनके सहयोगियों पर हमले जारी रहे, तो वे चुप नहीं बैठेंगे। उनका कहना है, "हमारी उंगलियां ट्रिगर पर हैं और हम सीधे सैन्य हस्तक्षेप के लिए तैयार हैं।"
उन्होंने लाल सागर (Red Sea) का इस्तेमाल किसी भी शत्रुतापूर्ण ऑपरेशन के लिए किए जाने पर कड़ी कार्रवाई की धमकी भी दी है।
लाल सागर में बढ़ता खतरा और ग्लोबल टेंशन
हूतियों का इस जंग में शामिल होना पूरी दुनिया के लिए चिंता का विषय है। इसका सबसे बड़ा कारण है लाल सागर का शिपिंग रूट। हूती विद्रोही पहले भी यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाते रहे हैं। अगर वे फिर से सक्रिय होते हैं, तो वैश्विक व्यापार और तेल की सप्लाई पूरी तरह ठप हो सकती है। इजरायल और अमेरिका पहले भी हूतियों के ठिकानों पर हमले कर चुके हैं, लेकिन अब स्थिति और भी गंभीर हो गई है क्योंकि लेबनान और इराक के शिया गुट पहले ही इस युद्ध का हिस्सा बन चुके हैं।
अमेरिकी सेना की भारी तैनाती
बढ़ते तनाव को देखते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नेतृत्व में अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी ताकत बढ़ा दी है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी रक्षा विभाग करीब 10,000 अतिरिक्त सैनिकों को इस क्षेत्र में भेजने पर विचार कर रहा है। इसमें मशहूर '82nd एयरबोर्न डिवीजन' के हजारों पैराट्रूपर्स और 5,000 यूएस मरीन्स शामिल हो सकते हैं। इतनी बड़ी सैन्य तैनाती साफ इशारा कर रही है कि अमेरिका किसी भी बड़े संकट से निपटने के लिए कमर कस चुका है।
यमन से मिसाइल लॉन्च और हूती की चेतावनी ने साफ कर दिया है कि यह जंग अब और ज्यादा खतरनाक दिशा में बढ़ सकती है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्या हालात काबू में आते हैं या फिर एक बड़ा क्षेत्रीय युद्ध दुनिया के सामने खड़ा हो जाता है।