Zepto vs Blinkit में कौन बेहतर? प्रॉडक्ट मैनेजर से पहले डिलिवरी बॉय बनकर कर लिया चेक

Viral News : दिल्ली के एक युवक ने Zepto और Blinkit पर बतौर डिलीवरी राइडर का काम कर जो अनुभव हासिल किया, वह अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। इस अनुभव से उन्होंने दोनों कंपनियों की अंदरूनी कार्यशैली को उजागर किया।

Naveen Kumar Pandey
पब्लिश्ड2 Apr 2025, 03:30 PM IST
ओम वत्स ने ब्लिंकइट और जेप्टो में की डिलिवरी बॉय की नौकरी।
ओम वत्स ने ब्लिंकइट और जेप्टो में की डिलिवरी बॉय की नौकरी। (Aum Vats X Handle)

ओम वत्स एक आम डिलीवरी बॉय नहीं हैं। वे प्रॉडक्ट मैनेजर की नौकरी ढूंढ रहे हैं और सोचते हैं कि किसी ब्रैंड को समझने का सबसे अच्छा तरीका है- खुद जमीन पर उतरना। इसी सोच के साथ उन्होंने दो क्विक डिलिवरी प्लैटफॉर्म्स जेप्टो ( Zepto) और ब्लिंकइट (Blinkit) में बतौर डिलीवरी राइडर काम किया। कुछ ही दिनों की इस छोटी सी नौकरी में उन्होंने वो देखा जो आमतौर पर ग्राहकों की नजरों से छिपा होता है- राइडर्स की असल जिंदगी।

21 वर्षीय ओम का मानना है कि क्विक कॉमर्स इंडस्ट्री में तेज डिलीवरी से ज्यादा जरूरी है कि उसके पीछे खड़े राइडर्स को कैसा अनुभव मिल रहा है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर विस्तार से लिखी एक पोस्ट में कहा, 'मैंने ये एक्सपेरिमेंट किया ताकि मैं प्रॉडक्ट मैनेजमेंट की नजर से समझ सकूं कि ग्राउंड पर क्या हो रहा है।'

Zepto बनाम Blinkit: किसका अनुभव कैसा रहा?

ओम ने जेप्टो पर सात ऑर्डर डिलीवर किए, जबकि ब्लिंकइट पर केवल एक। इसके बाद वो चार दिन तक डिलीवरी पॉइंट्स पर बैठकर अन्य राइडर्स से बात करते रहे, ताकि जमीनी सच्चाई समझ सकें। उन्होंने महसूस किया कि जहां जेप्टो के डार्क स्टोर्स बेहतर व्यवस्थित थे, वहीं ब्लिंकइट का ओवरऑल सिस्टम कहीं ज़्यादा मैच्योर था। ब्लिंकइट में प्रोटोकॉल, ड्रेस कोड और हेल्पलाइन जैसी सुविधाएं ज्यादा व्यवस्थित थीं। ओम कहते हैं, ‘ब्लिंकइट में राइडर के लिए गाइडलाइंस ज्यादा क्लियर हैं और इन-ऐप फीचर्स काफी मददगार हैं।’

राइडर सुरक्षा और सपोर्ट में ब्लिंकइट की बढ़त

ओम ने बताया कि ब्लिंकइट ने एक ऐसी सुविधा दी है जो जेप्टो में बिल्कुल नदारद है। वो है- रिपोर्टिंग फीचर। ब्लिंकइट में राइडर असुरक्षित इलाकों या खराब सड़कों की रिपोर्ट सीधे ऐप के जरिए कर सकते हैं। इससे न केवल उनकी सुरक्षा बढ़ती है, बल्कि अन्य राइडर्स को भी मदद मिलती है। दूसरी तरफ, ब्लिंकइट ने उन्हें पहले ही दिन ड्रेस कोड दिया। वहां टी-शर्ट, फुल पैंट और जूते पहनने की सख्त हिदायत दी गई। वहीं जेप्टो में यह सब ढीला-ढाला था। जेप्टो के मैनेजर ने उन्हें यूनिफॉर्म देने में दो हफ्ते लगने की बात कही जबकि ब्लिंकइट ने तुरंत टी-शर्ट दे दी।

'फ्लीट कोच' की सुविधा: Blinkit vs Zepto

ब्लिंकइट ने एक और अहम सुविधा दी है- फ्लीट कोच। ये एक ऐसा पॉइंट ऑफ कॉन्टैक्ट होता है जिससे राइडर कभी भी कॉल कर सकते हैं, सवाल पूछ सकते हैं या कमाई बढ़ाने के टिप्स ले सकते हैं। इसके अलावा ब्लिंकइट नियमित तौर पर मीटिंग्स भी करवाता है, जहां राइडर्स सीधे बातचीत कर सकते हैं। जेप्टो में इस तरह की कोई सुविधा नहीं है, जिससे वहां राइडर्स खुद को ज्यादा अलग-थलग महसूस कर सकते हैं।

कुल मिलाकर कौन बेहतर?

ओम के अनुभव से साफ है कि ब्लिंकइट राइडर्स के लिए ज्यादा प्रोफेशनल और सपोर्टिव माहौल देता है। चाहे बात सुरक्षा की हो, ड्रेस कोड की या हेल्प और गाइडेंस की, ब्लिंकइट ने जेप्टो से एक कदम आगे बढ़ते हुए राइडर्स को अहमियत दी है। दरअसल, किसी भी ब्रैंड की असली पहचान सिर्फ ग्राहकों से नहीं, बल्कि उसके जमीनी वर्कर्स से भी होती है। बात जब क्विक डिलीवरी की हो, तो राइडर का अनुभव काफी मायने रखता है।

Catch all the Business News, Market News, Breaking News Events and Latest News Updates on Live Mint. Download The Mint News App to get Daily Market Updates.

होमट्रेंड्सZepto vs Blinkit में कौन बेहतर? प्रॉडक्ट मैनेजर से पहले डिलिवरी बॉय बनकर कर लिया चेक
More