सुबह उठते ही एक ग्लास गुनगुना पानी पीने से पेट साफ होता है और एसिडिटी कम होती है। ये पेट को शांत रखता है और डाइजेशन बेहतर बनाता है।
तुलसी के पत्तों में नेचुरल एंटी-एसिड गुण होते हैं। खाना खाने के बाद 3-4 पत्ते चबाने से पेट ठंडा रहता है और गैस या जलन में राहत मिलती है।
खाने के साथ या बाद में एक ग्लास छाछ या एक कटोरी दही लेने से एसिडिटी कंट्रोल में रहती है। ये पेट को ठंडक देता है और डाइजेशन भी सुधारता है।
बहुत तला-भुना, मसालेदार और ऑयली खाना पेट में जलन और गैस बढ़ा देता है। हल्का, कम मिर्च वाला खाना खाने से एसिड बनने की संभावना काफी घट जाती है।
जल्दी-जल्दी खाना खाने से पेट ठीक से पचा नहीं पाता और एसिड बनता है। इसलिए धीरे-धीरे, अच्छे से चबाकर खाना खाएं ताकि डाइजेशन स्मूथ रहे।
खाने के तुरंत बाद लेटने से एसिड ऊपर की तरफ चढ़ता है जिससे जलन होती है। खाना खाने के बाद कम से कम 30 मिनट तक बैठें या हल्का वॉक करें।
पुदीने की पत्तियों या सौंफ को पानी में उबालकर पीने से पेट शांत होता है। ये नैचुरल कूलिंग एजेंट हैं और एसिडिटी से राहत दिलाने में बेहद असरदार हैं।